‘ईरान युद्ध का खर्च अमेरिकी टैक्सपेयर्स की जेब पर: राष्ट्रपति ट्रंप ने मांगी 8.3 लाख करोड़ की अतिरिक्त फंडिंग; अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में बगावत, “गलतियां ट्रंप की, भुगते जनता!”‘
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के खर्चों की भरपाई के लिए संसद से 87.6 अरब डॉलर (8.3 लाख करोड़ रुपये) का अतिरिक्त बजट मांगा है। कांग्रेस (संसद) में डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रंप के इस कदम का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। पढ़ें PNN24 की विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
PNN24 News: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान और रक्षा तैयारियों के नाम पर अमेरिकी संसद (कांग्रेस) से 87.6 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपये) के आपातकालीन पूरक बजट (Emergency Supplemental Funding) की मांग की है। व्हाइट हाउस के ‘मैनेजमेंट और बजट ऑफिस’ (OMB) ने आधिकारिक तौर पर प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) के अध्यक्ष माइक जॉनसन को पत्र भेजकर इस अतिरिक्त राशि को तत्काल मंजूरी देने का अनुरोध किया है।

⚔️ बजट का गणित: कहाँ खर्च होंगे 8.3 लाख करोड़ रुपये?
व्हाइट हाउस के पत्र के मुताबिक, इस भारी-भरकम राशि का सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 67 अरब डॉलर (लगभग 6.33 लाख करोड़ रुपये) सीधे रक्षा विभाग (Pentagon) को दिया जाएगा। इस सैन्य अभियान को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का नाम दिया है।
बजट के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
- गोला-बारूद और प्रोडक्शन: युद्ध में खाली हो चुके हथियारों के भंडार को दोबारा भरने और अमेरिकी डिफेंस प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए 21 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।
- खुफिया और सीक्रेट ऑपरेशन्स: सीक्रेट डिफेंस प्रोग्राम्स और अन्य सैन्य अभियानों के परिचालन (Operational costs) के लिए करीब 12.1 अरब डॉलर का प्रावधान है।
- गैर-सैन्य खर्च (पैकेज को पास कराने का दांव): संसद में विपक्ष को शांत करने और बजट पास कराने के लिए इसमें कुछ लोक-लुभावन चीजें भी जोड़ी गई हैं। जैसे अमेरिकी किसानों के लिए 11.1 अरब डॉलर की सहायता, सेंट्रल अफ्रीका में इबोला महामारी से निपटने के लिए 1.4 अरब डॉलर और न्यूयॉर्क के पेन स्टेशन के जीर्णोद्धार के लिए 1 अरब डॉलर शामिल हैं।
गौरतलब है कि साल 2025 में ही अगले वित्तीय वर्ष (2026) के लिए पहले से ही 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रिकॉर्ड रक्षा बजट मंजूर किया जा चुका है और राष्ट्रपति की यह नई मांग उस बजट के बिल्कुल अलग है।
🏛️ कांग्रेस में ट्रंप के खिलाफ आर-पार की जंग
इस अतिरिक्त बजट प्रस्ताव के आने से ठीक एक दिन पहले अमेरिकी सीनेट (Upper House) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ (सैन्य शक्ति प्रस्ताव) पारित किया है। इस प्रस्ताव के जरिए संसद ने राष्ट्रपति ट्रंप को बिना कांग्रेस की मंजूरी के ईरान के खिलाफ आगे किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई करने से रोक दिया है।
प्रतिनिधि सभा (Lower House) पहले ही ऐसा प्रस्ताव पास कर चुकी है। यानी इस युद्ध के खिलाफ अमेरिकी संसद के दोनों सदन एकजुट हो चुके हैं।
🔴 “अपनी गलतियों की कीमत टैक्सपेयर्स से वसूल रहे हैं ट्रंप”
सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के दिग्गज नेता चक शूमर ने राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
“राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी टैक्सपेयर्स से अपनी गलतियों को सुधारने के लिए 87.6 अरब डॉलर मांग रहे हैं। अमेरिका को एक बिना सोचे-समझे शुरू किए गए युद्ध में घसीटने के बाद, अब वह कांग्रेस से नुकसान की भरपाई के लिए पैसे मांग रहे हैं, जबकि अमेरिकी परिवार पहले से ही इसकी भारी कीमत (महंगे तेल और गैस के रूप में) चुका रहे हैं।”
सीनेट एप्रोप्रिएशंस कमेटी की प्रमुख डेमोक्रेट सीनेटर पैटी मरे ने भी कहा कि वह इस “विनाशकारी युद्ध” के लिए व्हाइट हाउस को आंख मूंदकर कोई ब्लैंक चेक (Rubber-stamp) नहीं सौंपने वाली हैं।
⚡ अपनी ही पार्टी में घिरे राष्ट्रपति
ट्रंप की मुश्किलें सिर्फ विपक्षी डेमोक्रेट्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस युद्ध को लेकर बगावत के सुर तेज हो गए हैं। सीनेट में प्रस्ताव के दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर ट्रंप के खिलाफ वोट किया।
पार्टी की एक अंदरूनी बैठक में रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस और नोकझोंक होने की खबरें भी सामने आई हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बागी रिपब्लिकन सांसदों को “लूजर्स” (Losers) तक कह डाला है।











