‘खाड़ी में अमेरिकी “समुद्री डकैती”? 3 भारतीय नाविकों की मौत पर भड़का भारत, जयशंकर ने मार्को रुबियो को चेताया; ट्रंप के आरोपों पर ईरान का पलटवार— “शर्मनाक झूठ!”‘
खाड़ी में कोहराम: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर भारत ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया कड़ा विरोध, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को फोन कर जताई कड़ी आपत्ति। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के 'ड्रोन हमले' के आरोपों को ईरान ने बताया बेबुनियाद; कहा— ध्यान भटकाने के लिए अमेरिका कर रहा 'समुद्री डकैती'। पढ़ें PNN24 की मुकम्मल रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
PNN24 News): पश्चिम एशिया के समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर और जानलेवा संकट खड़ा हो गया है। ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक ही हफ्ते के भीतर भारतीय चालक दल (Crew) वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी हमलों ने नई दिल्ली से लेकर वॉशिंगटन और तेहरान तक हड़कंप मचा दिया है। इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है, जबकि ईरान ने इसे अमेरिकी प्रशासन की ‘घिनौनी समुद्री डकैती’ करार दिया है।
🚢 अमेरिकी सेना का हमला: ‘MT सेट्टेबेलो’ पर क्यों चलीं गोलियां?
यह पूरा खूनी घटनाक्रम तब आधिकारिक रूप से सामने आया जब अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्वीकार किया कि उसने 9 जून को ओमान के तट के पास ‘MT सेट्टेबेलो’ (MT Settebello) नाम के एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया था:
- अमेरिकी दलील: अमेरिकी सेना का दावा है कि वे ईरान आने-जाने वाले समुद्री जहाजों पर एक सख्त आर्थिक और सैन्य नाकेबंदी (Blockade) लागू कर रहे हैं। अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, ‘सेट्टेबेलो’ जहाज को रुकने और निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया गया था, लेकिन बात न मानने पर उस पर हमला किया गया।
- भारतीयों की मौत: इस क्रूर हमले के वक्त जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हालांकि अमेरिकी नौसेना ने 21 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन हमले में लापता हुए 3 भारतीय नाविकों की मौत की बाद में पुष्टि हो गई।
📞 विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री को दोटूक
भारतीय नागरिकों की मौत और अपने व्यापारिक जहाजों पर हुए इस हमले से भारत सरकार बेहद नाराज है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक (Senior US Diplomat) को तलब कर पहले ही अपनी सख्त आपत्ति दर्ज कराई थी।
इसके बाद, शनिवार 13 जून की शाम भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सीधे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) से फोन पर बात की और भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा:
“आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमलों पर भारत की कड़ी आपत्ति और विरोध को दोहराया है, जिसमें हमारे तीन भारतीय नाविक मारे गए। कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों के खिलाफ ऐसी जानलेवा सैन्य कार्रवाई को किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।”
📱 ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट बनाम ईरान का ‘X’ पर तीखा पलटवार
इस बीच, खुद को पाक-साफ दिखाने और वैश्विक दबाव से बचने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जून को अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘ट्रुथ सोशल’ पर सारा दोष ईरान के मढ़ने की कोशिश की। ट्रंप ने दावा किया, “कल रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ईरान के ड्रोन हमले को अमेरिकी सेना ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। यह हरकत मंजूर नहीं है, वे सुधर जाएं।”
ट्रंप के इस दावे को भारत में स्थित ईरानी दूतावास और ईरान के विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह से ‘झूठा और बेबुनियाद’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
- ईरानी दूतावास का बयान: ईरान ने ‘X’ पर जवाबी हमला करते हुए लिखा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत है। यह दुनिया का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से भटकाने की कोशिश है कि अमेरिका ने खुद एक हफ्ते में 3 भारतीय जहाजों पर हमला किया और 3 बेगुनाह भारतीय नाविकों की जान ले ली। यह बेहद शर्मनाक है!”
- प्रवक्ता इस्माइल बघाई का हमला: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इसे अमेरिका की “हथियारबंद लूट और सरकारी समुद्री डकैती” (State-sponsored Piracy) करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को इस गैर-कानूनी व्यवहार के लिए सजा देने की मांग की है।
🚨 भारतीय नौसेना और एजेंसियां हाई अलर्ट पर
एक ही हफ्ते में तीन भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमलों से भारत सरकार बेहद चिंतित है। रक्षा मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय (Shipping Ministry) ने संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय नौसेना (Indian Navy) को खाड़ी के समुद्री मार्ग में ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि उस रूट से गुजरने वाले अन्य भारतीय जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बफर जोन दिया जा सके।












