‘वाराणसी में जरायम के एक अध्याय का अंत: 25 हजार नहीं, सीधे 50,000 का इनामी और 2 दर्जन मुकदमों का आरोपी हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ पट्टी फंदे पर झूला!’
वाराणसी: लक्सा थाने के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ पट्टी ने फांसी लगाकर दी जान. हत्या, लूट और रंगदारी सहित दर्ज थे 2 दर्जन से अधिक मुकदमे. गाजीपुर के विद्यापीठ छात्र की सिद्धगिरी बाग में हुई चर्चित हत्या का भी था आरोपी. पूर्व में घोषित था 50 हजार का इनाम, लक्सा थाने की हिस्ट्रीशीट 38A बंद. पढ़ें PNN24 की विशेष क्राइम रिपोर्ट.

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): धर्मनगरी काशी के लक्सा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब इलाके के सबसे शातिर बदमाशों में शुमार और लक्सा थाने के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ पट्टी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हत्या, डकैती, लूट और रंगदारी जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नाक में दम करने वाले इस शातिर अपराधी की मौत की खबर मिलते ही लक्सा पुलिस समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
📂 दो दर्जन से अधिक मुकदमे और 50 हजार का इनाम
अनिल यादव उर्फ पट्टी का वाराणसी के अपराध जगत में एक लंबा और खौफनाक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
- संगीन मामलों की लंबी फेहरिस्त: अनिल उर्फ पट्टी के खिलाफ वाराणसी के लक्सा, चौक, भेलूपुर समेत विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी सहित लगभग दो दर्जन से अधिक (24 से ज्यादा) गंभीर मामले दर्ज थे।
- इनामी बदमाश: अपराध की दुनिया में बढ़ते कद और लगातार फरार रहने के कारण पूर्व में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अनिल यादव पर 50 हजार रुपये का भारी-भरकम इनाम भी घोषित किया गया था। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
🎓 विद्यापीठ छात्र हत्याकांड में भी था शामिल
हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ पट्टी का नाम बनारस के एक बेहद चर्चित हत्याकांड से भी जुड़ा हुआ था। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एक छात्र, जो मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला था, की वाराणसी के सिद्धगिरी बाग इलाके में सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अनिल यादव उर्फ पट्टी मुख्य आरोपियों में शामिल था और इस वारदात के बाद वह लंबे समय तक सलाखों के पीछे भी रहा था।
🚓 लक्सा थाने की हिस्ट्रीशीट संख्या 38A बंद
लक्सा थाना क्षेत्र के औरंगाबाद का रहने वाला अनिल यादव पुलिस की स्पेशल सर्विलांस और टॉप क्रिमिनल्स की लिस्ट में शामिल था।
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हिस्ट्रीशीट संख्या: लक्सा थाने के रिकॉर्ड रूम में उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 38A दर्ज थी, जिसके तहत स्थानीय पुलिस उसके हर मूवमेंट और राजनैतिक-आपराधिक गठजोड़ पर लगातार नजर रखती थी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से वह कानूनी शिकंजे और मुकदमों के चलते मानसिक तनाव में था। बहरहाल, बनारस के औरंगाबाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।











