‘वाराणसी में हैवानियत की इंतेहा: नर्सिंग छात्रा की मौत पर PM रिपोर्ट से कांपा महकमा; अबॉर्शन पिल नहीं, मोहम्मद समीर के जघन्य “एग्रेसिव पेनिट्रेशन” बना मौत का कारण, आरोपी पर रेप का केस दर्ज!’
वाराणसी: सारनाथ में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दहला देने वाला खुलासा। ब्लीडिंग की वजह गर्भपात की दवा नहीं, बल्कि आरोपी मोहम्मद समीर द्वारा किया गया अत्यधिक आक्रामक व जघन्य शारीरिक शोषण था। वेजाइनल वॉल फटने और हेमोरेजिक शॉक के कारण गई जान। एडीसीपी लिपि नागायच के मुताबिक, मर्डर की जगह अब रेप की धाराओं में केस दर्ज, मुख्य आरोपी मोहम्मद समीर गिरफ्तार। सबूत मिटाने के लिए छिपाया था मोबाइल।

मो0 सलीम
वाराणसी (PNN24 News): महादेव की नगरी काशी के सारनाथ थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई एक होनहार नर्सिंग छात्रा की मौत का रहस्य अब पूरी तरह सुलझ गया है, लेकिन इसके पीछे का सच समाज को शर्मसार करने वाला है। 10 जून 2026 को सारनाथ स्थित एक बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर लावारिस हालत में मिली 19-20 वर्षीय छात्रा की लाश के मामले में डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं। फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर वाराणसी पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
🩺 पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलटी थ्योरी: गर्भपात की दवा नहीं, ‘हेमोरेजिक शॉक’ बनी वजह
वारदात के शुरुआती दिन (10 जून) को जब छात्रा का शव बरामद हुआ था, तब उसके इंटरनल पार्ट से भारी मात्रा में खून बह रहा था। उस वक्त मौके की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों और पुलिस ने इसे ‘अबॉर्शन पिल’ (गर्भपात की दवा) खाने के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग होने का दुष्परिणाम माना था। लेकिन विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया:
- गंभीर आंतरिक चोटें (Internal Injury): पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की मौत का असली और मुख्य कारण ‘हेमोरेजिक शॉक’ (Hemorrhagic Shock) दर्ज किया गया है।
- दीवार फटने से हुआ रक्तस्राव: रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि वेजाइनल पेनिट्रेशन (Vajinal Penetration) के दौरान आरोपी द्वारा किए गए अत्यधिक आक्रामक, क्रूर और जघन्य शारीरिक बल के कारण छात्रा की आंतरिक दीवार (Vajinal Wall) पूरी तरह डैमेज होकर फट गई थी। आंतरिक अंगों के छिन्न-भिन्न होने से शरीर से इतनी तेजी से खून बहा कि पीड़िता का शरीर उस सदमे और दर्द को बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने दम तोड़ दिया।
🚨 एडिशनल डीसीपी लिपि नागायच का बयान; मर्डर की जगह अब रेप की धारा
इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले पर वाराणसी की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) लिपि नागायच ने PNN24 News को पूरी विधिक जानकारी साझा की:
“मृतक छात्रा के पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को जो शुरुआती लिखित तहरीर दी गई थी, उसके आधार पर हमने मुख्य संदेही मोहम्मद समीर नामक युवक के खिलाफ हत्या (मर्डर) की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया था। लेकिन अब वैज्ञानिक विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विस्तृत अवलोकन के बाद यह साफ है कि यह मामला एकतरफा आक्रामक शारीरिक शोषण का है। इसलिए केस से मर्डर की धारा को विलोपित (हटा) कर दिया गया है। इसके स्थान पर आरोपी मोहम्मद समीर के खिलाफ रेप (Rape) और सबूत मिटाने की अन्य संबंधित धाराओं को जोड़ा गया है।”
सबूत मिटाने की साजिश: एडीसीपी लिपि नागायच ने आगे बताया कि गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी मोहम्मद समीर ने चालाकी दिखाते हुए मृतका का मोबाइल फोन गायब कर दिया था। उसका एकमात्र दुर्भावनापूर्ण मकसद यह था कि पुलिस के हाथ दोनों के बीच की चैट या कॉल रिकॉर्ड्स न लग सकें और डिजिटल सबूत नष्ट हो जाएं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
👩⚕️ “चिकित्सा विज्ञान का दुर्लभतम मामला”— स्त्री रोग विशेषज्ञ
वाराणसी की एक वरिष्ठ महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) ने इस घटनाक्रम पर अपनी चिकित्सकीय राय देते हुए इसे बेहद विदारक और दुर्लभ बताया। उन्होंने कहा:
“चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में ऐसे मामले यदा-कदा ही सामने आते हैं और इन्हें ‘रेस्ट ऑफ द रेयर’ (दुर्लभतम) मामलों की श्रेणी में गिना जाता है। यदि शारीरिक संबंध या इंटिमेसी के दौरान पार्टनर द्वारा अमानवीय और अत्यधिक एग्रेसिव पेनिट्रेशन का इस्तेमाल किया जाए, तो महिलाओं की नाजुक वेजाइनल वॉल झटके से फट जाती है। इसके बाद अंदरूनी धमनियों से इतनी तीव्र गति से रक्तस्राव (Internal Bleeding) होता है कि अगर पीड़िता को अगले 15 से 20 मिनट के भीतर आपातकालीन सर्जरी या इलाज न मिले, तो अत्यधिक खून बह जाने से व्यक्ति की मौके पर ही मौत निश्चित है।”
सारनाथ पुलिस ने आरोपी मोहम्मद समीर को स्थानीय कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। छात्र संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इस जघन्य कृत्य के खिलाफ सारनाथ में कैंडल मार्च निकालकर आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए फांसी की सजा देने की मांग की है।











