‘मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: हूती कमांडर बोला— “हम हर स्तर के संघर्ष को तैयार”; दिल्ली में भावुक हुए ईरानी राजदूत, भारत का जताया आभार!’
अंतर्राष्ट्रीय: मध्य पूर्व संकट के बीच यमन के हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती की बड़ी चेतावनी— "हम जंग के किसी भी स्तर के लिए तैयार।" इधर, दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने दुख की घड़ी में साथ देने के लिए भारतीय जनता का जताया आभार। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची बोले— "युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हमला हुआ तो देंगे मुंहतोड़ जवाब।" पाकिस्तान और ईरान के गृह मंत्रियों के बीच सुरक्षा पर अहम बैठक। पढ़ें PNN24 की विशेष वैश्विक रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
PNN24 News: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी सैन्य तनाव के बीच वैश्विक मोर्चे से कई बड़े रणनीतिक और कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ यमन के हूती आंदोलन ने जंग को किसी भी हद तक ले जाने की खुली चेतावनी दी है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक गलियारों में ईरान ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। इसी बीच, भारत की राजधानी दिल्ली से एक बेहद भावुक करने वाली खबर आई है, जहां ईरान के राजदूत ने संकट के इस दौर में साथ खड़े रहने के लिए भारतीय नागरिकों को धन्यवाद दिया है।
🚀 यमन: “हम संघर्ष के किसी भी स्तर का सामना करने को तैयार”— हूती प्रमुख
यमन के शक्तिशाली हूती आंदोलन के सर्वोच्च नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने क्षेत्र में जारी भीषण सैन्य तनाव के बीच अपने लड़ाकों और वैश्विक शक्तियों को बड़ा संदेश दिया है।
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चैनल पर लाइव आकर दी चेतावनी: अब्दुल मलिक अल-हूती ने हूती आंदोलन के समर्थित टीवी चैनल ‘अल-मसीरा’ पर प्रसारित एक विशेष संबोधन में कहा कि उनका संगठन क्षेत्र में जारी मौजूदा तनाव और संघर्ष के किसी भी स्तर या हद का सामना करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और तैयार है। उनके इस बयान को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए एक सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
🇮🇳 दिल्ली में भावुक हुए ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहाली; भारतीयों का जताया आभार
इस भीषण अंतर्राष्ट्रीय संकट और अपनों को खोने के गम के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फ़तहाली ने भारतीय लोगों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार प्रकट किया है।
- कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा भारत: दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में फतहाली ने कहा, “संकट के इस गंभीर और ऐतिहासिक दौर में जब हम अपने दो महान नेताओं को खोने के शोक में डूबे हैं, इस पूरे देश (भारत) के लोग हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे। वे हमारे कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे, अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।”
- दुख बांटने के लिए शुक्रिया: राजदूत मोहम्मद फतहाली ने आगे कहा कि भारत के लोग खुद आगे आए और उन्होंने हमारे साथ हमारा दुख साझा किया। हम इसके लिए भारत की जनता और यहां के समाज का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं।
🛡️ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची की दोटूक: “युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हमला हुआ तो छोड़ेंगे नहीं”
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने तेहरान के सैन्य और कूटनीतिक रुख को पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है।
- तसनीम एजेंसी पर जारी हुआ बयान: ईरानी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर विदेश मंत्री अराग़ची का एक बेहद महत्वपूर्ण बयान जारी किया गया।
- आत्मरक्षा में ज़ोरदार जवाब: बयान के मुताबिक, अराग़ची ने साफ शब्दों में कहा, “ईरान अपनी तरफ से कोई युद्ध नहीं चाहता है और न ही तनाव बढ़ाना चाहता है। लेकिन, अगर ईरान की धरती या उसकी संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का आक्रमण थोपा जाता है, तो वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आत्मरक्षा (Self-Defense) में बेहद ज़ोरदार और ऐतिहासिक जवाब देगा।”
🤝 पाकिस्तान और ईरान के गृह मंत्रियों के बीच आपात बैठक; सुरक्षा पर चर्चा
बदलते क्षेत्रीय हालातों के बीच सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए पाकिस्तान और ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने भी हाथ मिलाया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और ईरान के नवनियुक्त गृह मंत्री सिकंदर मोमेनी के बीच एक बेहद उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
- तनाव कम करने पर ज़ोर: दोनों देशों के गृह मंत्रालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में पाकिस्तान और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्र के ताज़ा सैन्य हालातों पर गहन मंथन हुआ।
- आंतरिक सुरक्षा सर्वोपरि: दोनों पड़ोसी देशों के नेताओं ने क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने और सीमाओं पर आंतरिक सुरक्षा के साझा मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।











