‘राम मंदिर घोटाला: कस्टडी रिमांड के लिए अयोध्या जेल पहुंची यूपी पुलिस; अनुकल्प, लवकुश और करुणेश से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी, SIT खोलेगी राज!’

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: यूपी पुलिस 3 मुख्य आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की 7 दिन की रिमांड के लिए पहुंची कोर्ट। जेल के भीतर 5 आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस का बड़ा विधिक एक्शन। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के बाद जांच तेज। पढ़ें PNN24 की विशेष विधिक रिपोर्ट।

शफी उस्मानी

अयोध्या (PNN24 News): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दानपात्रों की विधिक गणना के दौरान पकड़े गए करोड़ों रुपये के कथित गबन मामले में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की विधिक पड़ताल कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीम अब जेल में बंद तीन मुख्य अभियुक्तों— अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को अपनी विधिक हिरासत (Police Remand) में लेने के लिए अयोध्या जेल और संबंधित कोर्ट पहुंच चुकी है।

जांच एजेंसी का विधिक दावा है कि इस पूरे वित्तीय सिंडिकेट और चोरी के पैसों की रिकवरी (Recovery of Stolen Funds) के लिए इन तीनों आरोपियों से पुलिस कस्टडी में गहन पूछताछ बेहद जरूरी है।

⚖️ 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर कोर्ट में विधिक सुनवाई

विधिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या पुलिस ने स्थानीय अदालत से इन तीनों न्यायिक हिरासत में बंद आरोपियों की सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी। इस विधिक अर्जी पर सोमवार को अदालत में विस्तार से सुनवाई संपन्न हुई।

अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए जांच अधिकारी (Investigating Officer – IO) ने दलील दी:

“राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने और वित्तीय ट्रेल (Money Trail) का पता लगाने के लिए अभियुक्तों से पुलिस हिरासत में आमने-सामने पूछताछ करना विधिक रूप से अनिवार्य है। जेल की बंद चारदीवारी के भीतर कई अहम विधिक दस्तावेजों और छुपाए गए साक्ष्यों का सत्यापन संभव नहीं है।”

🚨 जेल के भीतर 5 आरोपियों से पूछताछ में खुले बड़े राज

पुलिस की इस ताजा विधिक कार्रवाई का आधार रविवार को जेल के भीतर की गई एक अत्यंत गोपनीय पूछताछ बनी है। दरअसल, रविवार को एसआईटी और पुलिस की एक विशेष विधिक टीम ने जेल प्रशासन की अनुमति से इस मामले में बंद पांच अन्य आरोपियों से जेल के अंदर ही मैराथन पूछताछ की थी।

विधिक इनपुट्स के मुताबिक, उस बंद कमरे की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई ऐसे चौंकाने वाले विधिक तथ्यों, कोडवर्ड्स और बैंक खातों का खुलासा किया है, जिसके तार सीधे अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से जुड़े हुए हैं। इसी विधिक इनपुट के आधार पर पुलिस ने तत्काल अदालत का दरवाजा खटखटाकर इन तीनों की कस्टडी रिमांड की मांग की।

📉 अब तक की विधिक स्थिति: 8 गिरफ्तार, चंपत राय बाहर

राम मंदिर परिसर के भीतर श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और चढ़ावे के साथ खिलवाड़ करने वाले इस बड़े रैकेट की वर्तमान विधिक स्थिति इस प्रकार है:

  • 8 अभियुक्त जेल में: इस वित्तीय चोरी और गबन के विधिक मामले में बैंक कर्मियों, काउंटिंग स्टाफ और सुरक्षा से जुड़े लोगों समेत अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
  • शीर्ष पदों पर गाज: इस घोटाले की नैतिक और विधिक जवाबदेही के तहत ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के शक्तिशाली महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पदों से विधिक इस्तीफा दे चुके हैं।
  • प्रशासनिक निष्कासन: मंदिर के दैनिक संचालन अधिकारी गोपाल राव को भी विधिक चूकों के आरोप में ट्रस्ट की बैठकों से हमेशा के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

अदालत द्वारा पुलिस रिमांड की विधिक मंजूरी मिलते ही, एसआईटी इन तीनों आरोपियों को गुप्त ठिकानों पर ले जाकर पूछताछ करेगी, जिसमें मंदिर परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और डिजिटल लॉग्स का मिलान भी कराया जाएगा। PNN24 News इस विधिक रिमांड और आने वाले बड़े खुलासों पर अपनी खोजी नजर बनाए हुए है।

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