अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: वॉशरूम में छिपाते थे पैसे, आरोपी अविनाश शुक्ला की पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की पूछताछ में आरोपी अविनाश शुक्ला का बड़ा खुलासा, मंदिर के वॉशरूम में छिपाए जाते थे चोरी के पैसे। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक। पढ़ें पूरी बरामदगी लिस्ट PNN24 न्यूज़ पर।

महविश कुरैशी
अयोध्या: अयोध्या के श्री राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। कोर्ट से मिली दो घंटे की रिमांड के दौरान एसआईटी ने गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से कड़ी पूछताछ की। इस पूछताछ में अविनाश ने न सिर्फ चोरी की बात कबूल की, बल्कि मंदिर परिसर से पैसे गायब करने के पूरे ‘मोडस ऑपेरंडी’ (तरीके) का भी पर्दाफाश कर दिया।
वॉशरूम बनता था चोरी के पैसों का ‘सेफ हाउस’
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में बताया कि दान के कमरे से पैसे चुराने के बाद वे उन्हें तुरंत मंदिर परिसर से बाहर नहीं ले जाते थे। पकड़े जाने के डर से चोरी की गई भारी नकदी को कुछ समय के लिए मंदिर के वॉशरूम (शौचालय) में छिपा दिया जाता था। इसके बाद मौका पाकर और सुरक्षाकर्मियों की नज़रों से बचकर उस रक़म को धीरे-धीरे बाहर निकाला जाता था।
रसूख के दम पर बचती रही चेकिंग, ट्रस्टियों पर गंभीर दावे
अविनाश शुक्ला ने पुलिस सूत्रों के अनुसार यह भी दावा किया कि राम मंदिर के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते थे। आरोपी ने बताया कि ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों से करीबी संबंध होने की वजह से उनकी कभी गहन जांच-पड़ताल (फ्रिस्किंग) नहीं की गई, जिसका फायदा उठाकर वे आसानी से चोरी करते रहे।
बड़े इस्तीफे: इस विवाद के सामने आने के बाद पिछले हफ्ते ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। एसआईटी इन दोनों से भी पहले पूछताछ कर चुकी है।
दो चाबियां और गिनती के कमरे का खेल
जांच अधिकारी अब उस रास्ते और सुरक्षा घेरे की पड़ताल कर रहे हैं जो दान की गिनती वाले कमरे तक जाता है। सूत्रों के मुताबिक:
- कमरे की दो चाबियां: एक चाबी गिरफ्तार आरोपी रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के पास रहती थी, जबकि दूसरी चाबी कैश काउंटिंग में शामिल बैंक कर्मचारियों के पास होती थी।
- गिनती की टीम: नकद दान को चार बड़ी दान-पेटियों से निकालकर गिना जाता है। इस काम में 14 लोगों की टीम शामिल होती है, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के 11 कर्मचारी और मंदिर ट्रस्ट के 3 सदस्य होते हैं। अब एसआईटी बैंक कर्मियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।
किस आरोपी से क्या हुआ बरामद? एसआईटी ने जारी की लिस्ट
एसआईटी ने अब तक गिरफ्तार 8 में से 7 आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा सहित कई कीमती सामान बरामद किए हैं। इसकी पूरी सूची इस प्रकार है:
| अभियुक्त का नाम व पता | बरामदगी (कैश एवं अन्य सामान) |
| 1. मनीष कुमार यादव (नयाघाट, अयोध्या) | कुल ₹2 लाख (500 के 270 नोट, 200 के 105 नोट, 100 के 400 नोट) |
| 2. करुणेश पाण्डेय (मिल्कीपुर, अयोध्या) | कुल ₹18 लाख 7 हजार 63 रुपये (अलग-अलग नोट और सिक्के) |
| 3. अनुकल्प मिश्रा (कौशलपुरी, अयोध्या) | कुल ₹16 लाख 82 हजार 40 रुपये (अलग-अलग नोट) |
| 4. रामशंकर यादव उर्फ टिन्कू (नयाघाट, अयोध्या) | कुल ₹1 लाख (500 के 180 नोट और 100 के 100 नोट) |
| 5. रामाशंकर मिश्रा (मीरपुर, अयोध्या) | कुल ₹7 लाख 32 हजार 170 रुपये, 2 सफेद धातु के सिक्के और 1 बिछुआ |
| 6. लवकुश मिश्रा (रुदौली, अयोध्या) | कुल ₹14 लाख 25 हजार रुपये (500 के 2850 नोट) |
| 7. अविनाश शुक्ला (प्रतापगढ़ / हाल निवासी अयोध्या) | कुल ₹20 लाख 39 हजार 220 रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, चांदी जैसी धातु (159.54 ग्राम) और पीली धातु की चेन व अन्य सामान |
नोट: आठवें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव से बरामदगी की प्रक्रिया या विवरण आना अभी बाकी है।
6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक, मंज़ूर हो सकते हैं इस्तीफे
चढ़ावा चोरी के इस महाविवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने अगले बड़े कदम की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, 6 जुलाई को अयोध्या में ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर चर्चा करना और उन्हें आधिकारिक रूप से स्वीकार करना होगा। इस बैठक के बाद मंदिर की सुरक्षा और ऑडिटिंग व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।










