‘बागेश्वर धाम के पास खूनी खेल: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर हत्या के प्रयास का केस; किसानों पर जमीन बेचने के लिए दबाव और गोलीबारी का संगीन आरोप!’
बागेश्वर धाम के पास ग्राम कोंड़ा में खूनी संघर्ष; धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग समेत 4 पर हत्या के प्रयास की FIR दर्ज। पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा का गंभीर आरोप— 'जमीन बेचने से मना करने पर पेट पर सटाकर मारी गोली'। राजनगर थाना पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में शुरू की जांच। पढ़ें PNN24 की विशेष विधिक व ग्राउंड रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
राजनगर (PNN24 News): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोंड़ा (बागेश्वर धाम के समीप) से एक बड़ी और बेहद संवेदनशील आपराधिक खबर आ रही है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग (जिन्हें स्थानीय स्तर पर “छोटे सरकार” भी कहा जाता है) पर एक स्थानीय किसान को जान से मारने की नीयत से गोली मारने का विधिक आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने शालिग्राम गर्ग समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
🚨 FIR और देहाती नालसी की विधिक कड़ियां
राजनगर थाना पुलिस द्वारा दर्ज की गई देहाती नालसी और प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के अनुसार, यह पूरी हिंसक घटना 14 जुलाई 2026 को दोपहर करीब एक बजे घटित हुई। मामले की कड़ियां इस प्रकार हैं:
- बुलावा और साजिश: पीड़ित और घायल किसान मोतीलाल उर्फ मोती कुशवाहा ने अपनी शिकायत में बताया कि 14 जुलाई को दोपहर करीब एक बजे अंकित मिश्रा, सतीश घोषी और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति उनके घर पहुंचे। उन्होंने मोतीलाल से कहा कि “छोटे सरकार” उर्फ शालिग्राम महाराज उन्हें प्राथमिक स्कूल के पास बुला रहे हैं।
- लाठी-डंडों से हमला: संदेश मिलने के बाद मोतीलाल अपने छोटे भाई अमन कुशवाहा और मां शांति कुशवाहा के साथ मौके पर पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि वहां पहुंचते ही शालिग्राम गर्ग ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और अपने साथियों को डंडे निकालकर हमला करने का विधिक आदेश दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मोतीलाल की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी।
- सटाकर मारी गोली: FIR में सबसे संगीन आरोप यह लगाया गया है कि मारपीट के दौरान शालिग्राम गर्ग ने अपनी कमर से पिस्टल निकाली और मोतीलाल के पेट पर सटाकर सीधे गोली चला दी। गोली मोतीलाल के दाहिने सीने के ठीक नीचे लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में जमीन पर गिर पड़े।
- गाड़ी छोड़कर भागे आरोपी: गोलीबारी की आवाज और चीख-पुकार सुनकर जब पीड़ित के परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, तो आरोपी अपनी चार पहिया गाड़ी को घटनास्थल पर ही छोड़कर, जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
🏥 घायल किसान की स्थिति और “जमीन हड़पने” का गंभीर सिंडिकेट
घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा को तुरंत लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल छतरपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
अस्पताल के बिस्तर से मीडिया से बात करते हुए पीड़ित किसान मोतीलाल ने बागेश्वर धाम के इर्द-गिर्द चल रहे एक बड़े भू-माफिया सिंडिकेट की ओर इशारा किया है:
“क्षेत्र के गरीब और स्थानीय किसानों पर लगातार अपनी कीमती जमीनें औने-पौने दामों पर बेचने का मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जा रहा है। जो भी किसान अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने से इनकार करता है, शालिग्राम गर्ग और उसके गुर्गे उन्हें धमकाते हैं, उनके खेतों पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं और उनके साथ मारपीट करते हैं। जब हमने भी अपनी जमीन देने से मना किया, तो मुझ पर जानलेवा हमला कर सीधे गोली मार दी गई।”
⚖️ पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी धाराएं
राजनगर थाना पुलिस ने पीड़ित के बयानों और देहाती नालसी के आधार पर मुख्य आरोपी शालिग्राम गर्ग, अंकित मिश्रा, सतीश घोषी और एक अन्य अज्ञात हमलावर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (जैसे हत्या का प्रयास, सामूहिक हमला, अवैध हथियार का उपयोग और गाली-गलौज) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस मामले के बाद पूरे छतरपुर जिले और बागेश्वर धाम के आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। PNN24 News इस हाई-प्रोफाइल मामले की पुलिस जांच, फरार आरोपियों की तलाश और पीड़ित परिवार को मिलने वाले विधिक न्याय पर लगातार अपनी खोजी नजर बनाए रखेगा।
पूरे मामले को लेकर बाबा बागेश्वर ने कहा कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यह बात वे तीन साल पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने अपील की कि हर घटना में उनका नाम नहीं जोड़ा जाए। बाबा बागेश्वर ने कहा कि उनका परिवार केवल जैविक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा समाज और पूरा विश्व ही उनका परिवार है। वे समाज, राष्ट्र और सनातन धर्म के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिला और उनका परिवार बहुत बड़ा है, इसलिए कहीं न कहीं घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे मामलों को व्यक्तिगत रूप से उनसे जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी अपराध किया है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। “जो दोषी है, उसे कानून कठोर से कठोर दंड दे और भगवान भी उसे दंड दें।” उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है, इसलिए वे तथ्यों पर टिप्पणी नहीं करेंगे।













