‘बलिया में पुलिस का कड़ा प्रहार: विस्फोटक एक्ट के 14 साल पुराने मामले में फरार चल रहा वारंटी गिरफ्तार; उभांव पुलिस ने भेजा सलाखों के पीछे!’
बलिया के बिल्थरारोड में उभांव पुलिस की बड़ी विधिक कार्रवाई: विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के 14 साल पुराने मामले में फरार चल रहे वारंटी विनय उर्फ विनोद को पुलिस ने दबोचा। कोर्ट से जारी एनबीडब्ल्यू और धारा 82 सीआरपीसी के तहत की गई गिरफ्तारी। पढ़ें PNN24 की विशेष विधिक रिपोर्ट।

उमेश गुप्ता
बिल्थरारोड/बलिया (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अपराधियों और कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे वांछितों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कसना तेज कर दिया है। इसी क्रम में बलिया की उभांव थाना पुलिस को एक बड़ी विधिक सफलता मिली है। पुलिस टीम ने करीब 14 साल पुराने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी अभियुक्त को शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे विधिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
🚨 पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला विशेष धरपकड़ अभियान
यह विधिक कार्रवाई बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के कुशल निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के समूल नाश हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। इस कार्रवाई का पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ला तथा क्षेत्राधिकारी रसड़ा रजनीश कुमार द्वारा किया गया, जबकि धरातल पर इसका नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक दिनेश पाठक ने किया।
🏠 दबिश देकर ककरासो से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को उपनिरीक्षक (SI) सुमित कुमार अपनी विधिक टीम के साथ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त और संदिग्धों की जांच पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि न्यायालय जेएम द्वितीय (Judicial Magistrate-II), बलिया द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) और धारा 82 सीआरपीसी (फरार व्यक्ति की उद्घोषणा) के तहत वांछित एक पुराना वारंटी अपने घर पर मौजूद है।
- घेराबंदी और गिरफ्तारी: सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक सुमित कुमार ने कांस्टेबल अनिल सिंह के साथ मिलकर ग्राम ककरासो (थाना उभांव) में अभियुक्त के आवास पर दबिश दी।
- अभियुक्त की पहचान: पुलिस टीम ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए अभियुक्त विनय उर्फ विनोद (पुत्र रामकिशुन, निवासी ककरासो) को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया।
💣 क्या था 14 साल पुराना विस्फोटक मामला?
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त विनय उर्फ विनोद के खिलाफ कानून का शिकंजा बहुत पुराना है। उसके विरुद्ध उभांव थाने में वर्ष 2012 का मुकदमा नंबर 866/12 दर्ज है।
- यह मुकदमा भारतीय विधिक व्यवस्था के तहत धारा 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) जैसी अत्यंत गंभीर और संवेदनशील धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
- आरोपी पिछले 14 वर्षों से अदालती पेशियों से लगातार बच रहा था, जिसके बाद न्यायालय जेएम द्वितीय, बलिया को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) और धारा 82 सीआरपीसी के तहत कुर्की-जब्ती से पूर्व की विधिक उद्घोषणा की कार्रवाई शुरू करनी पड़ी थी।











