‘भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन: STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार; परिजनों ने कहा— “मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मिली राहत, अन्य आरोपियों की भी हो गिरफ्तारी”‘
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई! एसटीएफ जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, एसपी राज ने की पुष्टि। गिरफ्तारी के बाद मां आशा देवी बोलीं— "अक्षय ने ही चलाई थी पहली गोली, अन्य आरोपियों की भी हो गिरफ्तारी"। सीएम से मुलाकात के बाद हरकत में आई पुलिस। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

अनिल कुमार
आरा/भोजपुर (PNN24 News): बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में आखिरकार कानून का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। विशेष कार्य बल (STF) के जवान अक्षय कुमार को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है।

🏛️ मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हरकत में आई पुलिस
गौरतलब है कि बीते 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने शुरू से ही इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए न्याय की गुहार लगाई थी।
मामले में मोड़ तब आया जब 24 जुलाई को मृतक भरत तिवारी के पीड़ित परिवार ने बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद पुलिसिया कार्रवाई में तेजी देखने को मिली है।
😭 “अक्षय ने ही चलाई थी पहली गोली, बाकी बचे आरोपी भी पकड़े जाएं”— मां आशा देवी
एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“मेरे बेटे पर पहली गोली अक्षय कुमार ने ही चलाई थी। हमें खुशी है कि कार्रवाई शुरू हुई है, लेकिन जो अन्य लोग इसमें शामिल और बचे हुए हैं, उनकी भी जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ही यह कार्रवाई संभव हो सकी है।”
वहीं, भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे इस बात की राहत और खुशी है कि कम से कम एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। हमें उम्मीद है कि न्याय पूरा मिलेगा।”
⚖️ रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर केस में उठते गंभीर सवालों के बीच सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन पहले ही कर दिया है। पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित यह आयोग पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कर रहा है।











