‘CJP की चेतावनी: “छात्रों का उत्पीड़न और FIR जारी रही तो फिर करेंगे बड़ा आंदोलन”; जंतर-मंतर पर मिले पत्थरों से भरे ट्रक को लेकर दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल’
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मोदी सरकार को चेतावनी— अगर छात्रों को डराना, धमकाना और गिरफ्तारियां बंद नहीं हुईं तो फिर होगा बड़ा आंदोलन! सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास और संस्थापक अभिजीत दीपके का हमला। जंतर-मंतर पर पत्थरों से भरे रहस्यमयी ट्रक को लेकर दिल्ली पुलिस पर लगाए साजिश के आरोप। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
नई दिल्ली (PNN24 News): जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच तल्खी एक बार फिर बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारियों को कठोर कार्रवाई (Coercive Action) से अंतरिम राहत देने और राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी करने के बाद, सीजेपी ने केंद्र सरकार पर अदालत के आदेशों का राजनीतिक दुरुपयोग करने और छात्रों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।

🏛️ “सुप्रीम कोर्ट के आदेश को हथियार न बनाए सरकार”— सौरव दास
सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को छोड़कर अन्य प्रदर्शनकारियों पर किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है। पीठ ने पुलिस ज्यादतियों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने के संकेत भी दिए हैं।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा:
“सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को सरकार अपने हित साधने और वास्तविक प्रदर्शनकारियों को फंसाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकती। केंद्रीय मंत्रियों ने सभी एफ़आईआर वापस लेने का आश्वासन दिया था। यदि कोई अपराधी था तो पुलिस को उसकी जमानत रद्द करानी चाहिए थी, लेकिन इस बहाने निर्दोष छात्रों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत में दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन किया जा रहा है।
🚛 जंतर-मंतर पर ‘रहस्यमयी पत्थरों से भरा ट्रक’— दिल्ली पुलिस पर साजिश का आरोप
सीजेपी ने न्यूज़लॉन्ड्री की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दिल्ली पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
- कस्टडी का दावा: CJP का दावा है कि 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ के दिन जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के पास जो पत्थरों से भरा रहस्यमयी ट्रक मिला था, वह घटना से 4 दिन पहले तक दिल्ली पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनों की कस्टडी में शामिल था।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शन बिगाड़ने की कोशिश: पार्टी ने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस की कस्टडी वाले पत्थरों से भरे वाहन को आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की भीड़ के पास पार्क करने का आदेश किसने दिया? सीजेपी का आरोप है कि यह हिंसक माहौल बनाने और बेगुनाह छात्रों को फंसाने की सोची-समझी साजिश थी।
📹 सोशल मीडिया पर दावों की भरमार, PNN24 का पक्ष
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि आंदोलन में शामिल छात्रों को पुलिस द्वारा जबरन उठाकर हिरासत में लिया जा रहा है। हालांकि, PNN24 News ऐसे किसी भी वायरल वीडियो या दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, लेकिन इन घटनाओं ने कानूनी और सामाजिक हलकों में बहस जरूर छेड़ दी है।











