‘दालमंडी चौड़ीकरण: ध्वस्तीकरण के बाद आधा टूटा भवन संख्या “Ck 39/5” का अति जर्जर भाग दे रहा है दुर्घटना को दावत!’
वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण: एक मौत के बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं प्रशासन? ध्वस्तीकरण के बाद दालमंडी का भवन संख्या Ck 39/5 बना 'डेथ ट्रैप' (जर्जर खतरा)। आंशिक हिस्से में रह रहा है परिवार, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी के दालमंडी इलाके के सुंदरीकरण और चौड़ीकरण के प्रशासनिक अभियान ने स्थानीय नागरिकों के भीतर सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। चौड़ीकरण के विधिक क्रम में अब तक जिला प्रशासन द्वारा दर्जनों भवनों को विधिक रूप से खरीद कर ध्वस्त किया जा चुका है। कई जर्जर और अतिजर्जर श्रेणी के मकानों पर बुलडोजर और विधिक हथौड़े चले हैं। लेकिन इस ध्वस्तीकरण कार्यवाई के चलते कल दालमंडी को एक दुखद हादसे का गवाह बनना पड़ा, जिसमें एक नागरिक की जान चली गई।

🕯️ कल के हादसे के बाद आज शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार, प्रशासन ने दिया आश्वासन
बताते चलें कि कल दालमंडी में ध्वस्तीकरण की विधिक कार्रवाई के दौरान गिरे एक भारी-भरकम मलबे की विधिक चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। इस संवेदनशील घटना के बाद इलाके में जनाक्रोश पनपने का खतरा था।
हालांकि, वाराणसी जिला प्रशासन, पुलिस बल और स्थानीय संभ्रांत नागरिकों की सूझबूझ और त्वरित विधिक मध्यस्थता के कारण यह मसला कोई उग्र रूप धारण नहीं कर सका। प्रशासन ने समय रहते मृतक के परिजनों को विधिक और आर्थिक रूप से संतुष्ट किया, साथ ही क्षेत्रीय नागरिकों की मूलभूत समस्याओं को सुनकर त्वरित विधिक समाधान का ठोस आश्वासन दिया। इसी प्रशासनिक तत्परता का असर रहा कि आज मृतक का पूरी तरह से शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न हो गया और दालमंडी में आज सामान्य हलचल दिखाई पड़ी।
📸 जीपीएस कैमरे की तस्वीरों का सच: भवन संख्या Ck 39/5 बना बड़ा खतरा
दालमंडी चौड़ीकरण की ज़द में आए भवनों के आगे के हिस्से को तोड़े जाने के बाद, उनके पीछे बचे हुए आंशिक हिस्से अब अतिजर्जर (Highly Dilapidated) अवस्था में लटके हुए हैं। जीपीएस कैमरे (GPS Camera) से ली गई तस्वीरें मौजूद हैं, जो दालमंडी के भवन संख्या Ck 39/5 की भयावह स्थिति को उजागर करती हैं:
- आगे का हिस्सा ध्वस्त, पीछे रिहाइश: मिली पुख्ता विधिक जानकारी के अनुसार, इस भवन (Ck 39/5) के आगे का भू-भाग प्रशासन ने चौड़ीकरण के लिए खरीद लिया था और उसे ध्वस्त भी कर दिया गया।
- अतिजर्जर ढांचा: आगे का हिस्सा टूटने के बाद जो आंशिक भू-भाग पीछे बचा है, उसमें आज भी एक परिवार अपनी जान जोखिम में डालकर निवास (रिहाइश) कर रहा है।
- दुर्घटना को दावत: जीपीएस कैमरे के साक्ष्य साफ गवाही दे रहे हैं कि बचा हुआ यह ढांचा पूरी तरह से खोखला और जर्जर हो चुका है, जो मूसलाधार बारिश या हल्के से झटके के बाद कभी भी ढह सकता है और किसी बड़ी जान-माल की विधिक क्षति का कारण बन सकता है।
🏛️ भू-स्वामी को विधिक नोटिस और मरम्मत के निर्देश जरूरी
स्थानीय व्यापारियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को कल की घटना से बड़ी सीख लेते हुए तत्काल इस भवन के जर्जर भाग की विधिक जांच (Safety Audit) करानी चाहिए। प्रशासन को अविलंब इस भवन के भू-स्वामी को निर्देशित करना चाहिए कि वह या तो इस खतरनाक हिस्से की विधिक मरम्मत कराए या इसे तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में सुरक्षित रूप से हटवाए, ताकि दालमंडी के संकरे और व्यस्त बाजार में दोबारा कोई खूनी दुर्घटना न हो सके।












