दिल्ली दंगों का मामला: उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिकाएं
दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को तगड़ा झटका लगा है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जानिए कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं।

तारिक खान
नई दिल्ली (PNN24 News): साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश के मामले में जेल में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम को अदालत से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को इन दोनों की जमानत याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। यह मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA) के तहत दर्ज है।

वकीलों ने दी थीं ये दलीलें
शनिवार को सुनवाई के दौरान उमर खालिद की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील त्रिदीप पेस ने अदालत के सामने अब तक के घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले खालिद को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उमर और शरजील एक साल तक जमानत के लिए अर्जी नहीं दे सकते, लेकिन इस समय सीमा के दौरान सुरक्षित गवाहों (protected witnesses) से पूछताछ पूरी की जानी चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर शरजील इमाम के वकील तालिब मुस्तफा ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल पहले ही एक लंबा वक्त जेल में काट चुके हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस मुकदमे के जल्द खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। वकील मुस्तफा ने समानता (parity) का हवाला देते हुए कहा कि जब इसी मामले में दूसरे सह-आरोपियों को राहत दी जा चुकी है, तो शरजील इमाम को भी इसका फायदा मिलना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दूसरों को दी राहत, इन्हें नहीं
आपको बता दें कि इसी साल 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के अन्य आरोपियों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी थी। हालांकि, उस वक्त भी देश की सर्वोच्च अदालत ने उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत देने से साफ इनकार कर दिया था, और अब निचली अदालत से भी दोनों को मायूसी हाथ लगी है।










