‘दिल्ली में भारी बारिश के बीच महा हादसा: रोहिणी में ढही 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत; 1 की मौत, मलबे में दबे कई लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी!’

दिल्ली में बारिश का कहर: रोहिणी सेक्टर-16 में ढही 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत, 1 की मौत और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका। एमसीडी स्कूल के पास हुए हादसे के बाद रोहिणी डीसीपी और पार्षद प्रदीप मित्तल मौके पर मौजूद; युद्धस्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन। पढ़ें PNN24 की विशेष विधिक व ग्राउंड रिपोर्ट।

ज़ारा अंसारी

नई दिल्ली (PNN24 News): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कई घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर टूटी है। बुधवार की शाम को दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक अत्यंत दुखद और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाली विधिक दुर्घटना सामने आई है। रोहिणी के सेक्टर-16 में एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत अचानक जमींदोज हो गई। मलबे के विशाल ढेर के नीचे कई निर्माण श्रमिकों और राहगीरों के फंसे होने के चलते मौके पर चीख-पुकार मच गई है।

यह भीषण हादसा रोहिणी सेक्टर-16 स्थित पॉकेट जी-5 में बने नगर निगम (MCD) स्कूल के ठीक पास हुआ है, जिसके कारण जिला प्रशासन, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तुरंत एक्शन मोड में आ गई हैं।

📞 “एक घायल को सुरक्षित निकाला, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी”— डीसीपी रोहिणी

घटना की विधिक और लाइव स्थिति साझा करते हुए रोहिणी के डीसीपी ने PNN24 News (ब्यूरो) को फोन पर बताया:

“यह बेहद दुखद घटना बुधवार शाम ठीक चार बजकर 26 मिनट की है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल के साथ हम खुद ग्राउंड जीरो (मौके) पर मौजूद हैं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों की जान बचाने के लिए युद्धस्तर पर विधिक बचाव कार्य चलाया जा रहा है।”

डीसीपी ने हताहतों का आधिकारिक विधिक आंकड़ा देते हुए आगे कहा:

“दुर्भाग्य से इस हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के फंसे होने की पूरी आशंका है। हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। राहत और बचाव कार्य अभी लगातार जारी है।”

🏗️ “जिम्मेदारों के खिलाफ होगी सख्त विधिक कार्रवाई”— पार्षद प्रदीप मित्तल

इस भीषण बुनियादी ढांचागत विफलता (Infrastructure Failure) पर गहरा दुख और रोष व्यक्त करते हुए क्षेत्र के स्थानीय पार्षद प्रदीप मित्तल ने भी घटनास्थल से सीधा विधिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा:

“एक निर्माणाधीन पाँच मंजिला इमारत के अचानक इस तरह गिरने से कई मासूम लोग मलबे के नीचे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस संकट की घड़ी में हमारा और पूरे प्रशासन का एकमात्र ध्यान सिर्फ और सिर्फ रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने और मलबे में दबे लोगों को सकुशल बाहर निकालने पर केंद्रित है।”

पार्षद मित्तल ने अवैध निर्माण और घटिया सामग्री के विधिक पहलुओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया:

“इस हादसे के पीछे जो भी बिल्डर, ठेकेदार या अधिकारी विधिक रूप से जिम्मेदार पाया जाएगा, जांच के बाद उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और नागरिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

⚠️ लगातार हो रही बारिश और कमजोर नींव बनी विधिक जांच का विषय

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दिल्ली में जारी लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से निर्माणाधीन इमारत की नींव में पानी भर गया था, और बिना उचित विधिक सुरक्षा मानकों (Safety Audits) के इतनी ऊंची इमारत खड़ी की जा रही थी। भारी बारिश के चलते मिट्टी धंसने से यह पूरी ५ मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

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