‘मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध: ईरान की IRGC का बहरीन-कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन से बड़ा हमला; जवाब में अमेरिका ने ईरान के 3 शहरों पर की बमबारी, मौत और तबाही!’
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार! ईरान की IRGC ने 'ऑपरेशन नस्र-2' के तहत बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन। अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) का ईरान पर लगातार नौवीं रात भीषण हवाई हमला, तबरीज़ और उर्मिया दहल उठे। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ का अमेरिका पर तीखा प्रहार— "क्षेत्र में हथियार भेजकर दोहरा रवैया अपना रहा है वाशिंगटन।" पढ़ें PNN24 की अंतरराष्ट्रीय विधिक रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
PNN24 News): पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा सैन्य तनाव अब एक पूर्णकालिक और विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। ईरान की संभ्रांत सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (IRGC) ने आधिकारिक विधिक बयान जारी कर दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में तैनात अमेरिकी सशस्त्र बलों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले किए हैं। वहीं, पलटवार करते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान की मुख्य भूमि के भीतर लगातार नौवीं रात भीषण बमबारी करने की विधिक पुष्टि की है, जिसमें जनहानि की भी खबरें हैं।
🚀 ईरान का ‘ऑपरेशन नस्र-2’: अमेरिकी नौसैनिक व हवाई ठिकानों पर चोट
बीबीसी फ़ारसी द्वारा जारी IRGC के जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक विधिक वक्तव्य के अनुसार, ईरानी नौसेना ने ‘ऑपरेशन नस्र-2’ की 23वीं लहर के तहत तीन सुनियोजित चरणों में अमेरिकी बलों को ‘भारी सामरिक नुकसान’ पहुंचाया है। ईरान ने मुख्य रूप से इन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है:
- बहरीन (अल-सख़िर हवाई अड्डा): यहाँ स्थित अमेरिकी सैन्य इकाइयों की ड्रोन मरम्मत, असेंबली और रख-रखाव (Maintenance) सुविधाओं को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा।
- बहरीन (सलमान बंदरगाह): अमेरिकी नौसेना के अत्याधुनिक टास्क फोर्स 59 (TF59) पोतों की परिचालन तैयारी से जुड़ी खुफिया और रणनीतिक सुविधाओं पर सीधा हमला।
- कुवैत (अरिफ़जान बेस): कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के इस विशालकाय और महत्वपूर्ण बेस पर भी ईरानी मिसाइलों ने भारी तबाही मचाने का दावा किया है।
💥 अमेरिकी CENTCOM का पलटवार: ईरान में लगातार 9वीं रात बमबारी
ईरानी हमलों के विधिक जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रक्षात्मक और आक्रामक तस्वीरें जारी करते हुए बड़ा एलान किया है। पेंटागन के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने लगातार नौवीं रात ईरान के भीतर घुसकर बमबारी की।
- अमेरिकी निशाना: अमेरिकी रक्षा विभाग ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense) और तटीय निगरानी ठिकानों (Coastal Surveillance) को सफलतापूर्वक न्यूट्रलाइज कर दिया है।
- ईरान के तीन शहरों में तबाही: ईरान सरकार ने विधिक रूप से पुष्टि की है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने उर्मिया, तबरीज़ और बुशेहर (जहाँ ईरान का मुख्य परमाणु संयंत्र भी स्थित है) में हवाई हमले किए हैं। ग्राउंड रिपोर्टों के अनुसार, तबरीज़ में एक नागरिक की मौत हो गई है, जबकि उर्मिया और तबरीज़ में दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
🤬 “अमेरिका का दोहरा रवैया, क्षेत्र में बढ़ा रहा सैन्य साजो-सामान”— ग़ालिबाफ़
इस भीषण बमबारी और युद्ध जैसी स्थिति के बीच ईरानी संसद (मज्लिस) के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने वैश्विक मंच पर अमेरिका को आड़े हाथों लिया है।
ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ (X) पर तीखा विधिक रुख अपनाते हुए लिखा:
“वाशिंगटन और उसके सहयोगी एक तरफ तो दुनिया के सामने युद्ध रोकने और शांति की खोखली बातें करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ इसी मिडिल ईस्ट के क्षेत्र में लगातार नया सैन्य साजो-सामान, घातक मिसाइलें और विध्वंसक हथियार भेज रहे हैं। ईरान अमेरिकी साम्राज्यवादी रणनीति को पूरी तरह से समझता है। हमने उनके हर विधिक और सैन्य दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी रणनीतिक तैयारी पूरी कर रखी है।”











