मौन की ताकत और वफादारी को सलाम: मुश्किल दौर में टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी हुईं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी के वफादार कार्यकर्ताओं को सलाम करते हुए बीजेपी पर ईवीएम धांधली और तानाशाही का बड़ा आरोप लगाया है। वहीं, चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे से बंगाल की राजनीति गरमा गई है। पूरी खबर पढ़ें।

आदिल अहमद

कोलकाता (PNN24 News): पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील और उतार-चढ़ाव भरे दौर से गुजर रही है। इस सियासी हलचल के बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पार्टी के उन जमीनी कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई है, जो हर मुश्किल हालात में पार्टी के साथ ढाल बनकर खड़े हैं।

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब शनिवार को पश्चिम बंगाल इकाई की अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

“मौन सबसे अधिक बोलता है”

पिछले कुछ दिनों से जारी राजनीतिक उठापटक पर अपनी चुप्पी का कारण बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा:

“पिछले कुछ दिनों से आपने देखा होगा कि मेरे पार्टी के सहयोगी और प्रवक्ता बोल रहे हैं, लेकिन मैंने बहुत कम बोला है। इसका कारण यह है कि कभी-कभी मुझे लगता है कि मौन सबसे अधिक बोलता है।”

वफादारों को सलाम, दलबदलुओं पर तंज

पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल के बीच ममता बनर्जी ने उन कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया जो लालच या डर के आगे झुके नहीं। उन्होंने बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा:

“मैं साधारण लोगों, जमीनी कार्यकर्ताओं और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस से जुड़े उन लोगों के प्रति अपनी एकजुटता, सलाम, बधाई और शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं, जो अभी भी पार्टी के साथ हैं। मैं उन लोगों को भी सलाम करती हूं, जिन्होंने बीजेपी का दामन थामकर पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं किया है।”

बीजेपी पर ईवीएम धांधली और ‘डर की राजनीति’ का आरोप

ममता बनर्जी ने केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी वोटों में धांधली करके सत्ता में आई है।

  • ईवीएम में हेरफेर: ममता बनर्जी के मुताबिक, “उन्होंने ईवीएम में हेरफेर किया, वोट चोरी किए और गिनती प्रक्रिया में गड़बड़ी की। यह बात हम सभी जानते हैं।”
  • कार्यकर्ताओं पर अत्याचार: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। हमारे हजारों कार्यकर्ताओं को दिनदहाड़े निशाना बनाया जा रहा है, जबकि उनके खिलाफ न तो कोई वैध मामला है और न ही कोई अदालती आदेश।

चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे से बढ़ीं मुश्किलें?

एक तरफ जहां ममता बनर्जी पार्टी को एकजुट रखने का संदेश दे रही हैं, वहीं शनिवार को टीएमसी की पश्चिम बंगाल इकाई की अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य का ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा देना, पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस इस्तीफे के बाद बंगाल की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म है कि क्या टीएमसी के अंदरूनी हालात वाकई सामान्य हैं?

फिलहाल, ममता बनर्जी के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि वह बैकफुट पर जाने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं और अपने ‘जमीनी सिपाहियों’ के दम पर इस सियासी जंग को लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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