“मुसलमान होता तो एनकाउंटर हो जाता, बुलडोजर से घर तोड़ देते” – राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ओवैसी का तीखा बयान
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान। बिजनौर में ओवैसी बोले- "अगर मुसलमान होता तो एनकाउंटर हो जाता और बुलडोजर चल जाता।"

आफताब फारुकी
बिजनौर/अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बोला है।
बिजनौर की जनसभा में बरसे ओवैसी
उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित नजीबाबाद में सोमवार देर शाम एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में हो रही कानूनी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने धर्म के आधार पर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा:
“अगर राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुसलमान होता और चंदा चोरी की ऐसी घटना हो जाती, तो अब तक उसका एनकाउंटर कर दिया जाता। बुलडोज़र से उसका घर तोड़ दिया जाता… और केस क्लोज़ (बंद) हो जाता।”
“चंपत तो मजे में हैं…”
ओवैसी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और पुलिसिया जांच की ढील पर भी तंज कसा। उन्होंने जनसभा में कहा, “चंपत (राय) तो मजे में हैं। इस मामले में पकड़े गए अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी (रिमांड) तक की मांग नहीं की जा रही है।”
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित हेरफेर और चोरी के आरोपों के बाद सामने आया है। ओवैसी का यह बयान ठीक उसी दिन आया जब सोमवार को इस कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 अभियुक्तों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। ओवैसी का आरोप है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आरोपियों की कस्टडी लेकर कड़ी पूछताछ करनी चाहिए थी, जो कि नहीं की गई।
राम मंदिर जैसे संवेदनशील विषय पर ओवैसी के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बार फिर तीखी बहस छिड़ने के आसार हैं।











