‘रायपुर में भीषण औद्योगिक हादसा: उरला की थ्रीडी फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट, ३ मजदूरों की दर्दनाक मौत; आधा KM दूर तक गूंजी धमाके की आवाज!’
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में भीषण हादसा: थ्रीडी फैक्ट्री के फर्नेस के पास ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से ३ मजदूरों की दर्दनाक मौत। मृतकों में मध्य प्रदेश के डिंडौरी और छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के मजदूर शामिल। डीसीपी मयंक गुर्जर के नेतृत्व में देर रात तक चला पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन (SDRF) का रेस्क्यू ऑपरेशन। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

मो0 सलीम
रायपुर (PNN24 News): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े और व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र उरला से एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाली विधिक दुर्घटना सामने आई है। उरला स्थित एक थ्रीडी (3D) फैक्ट्री में फर्नेस (लोहा पिघलाने वाली भट्टी) के पास काम के दौरान अचानक एक के बाद एक ऑक्सीजन सिलेंडरों में भीषण विस्फोट (Blast) हो गया। इस दर्दनाक हादसे में भट्टी के आसपास काम कर रहे तीन खेतिहर और प्रवासी मजदूरों की मौके पर ही झुलसने और मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई।

🔧 फर्नेस के पास गैस रिसाव और ब्लास्ट: कैसे हुआ हादसा?
मामले की विधिक और प्राथमिक जानकारी देते हुए रायपुर के डीसीपी मयंक गुर्जर ने बताया कि उरला स्थित इस थ्रीडी फैक्ट्री में मुख्य रूप से कच्चा लोहा (Pig Iron) बनाने और उसे प्रोसेस करने का काम होता है। इस कच्चे लोहे को पिघलाकर विभिन्न बड़ी गाड़ियों और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स के कल-पुर्जे (Spare Parts) तैयार किए जाते हैं।
डीसीपी गुर्जर के मुताबिक:
“फैक्ट्री के भीतर जहां सबसे मुख्य फर्नेस (भट्टी) स्थापित है, वहीं पास में गैस कटिंग और वेल्डिंग के लिए भारी मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडरों का भंडारण किया गया था। शुरुआती विधिक जांच में सामने आया है कि फर्नेस के अत्यधिक तापमान और रिसाव के चलते अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। भट्टी के ठीक बगल में मुस्तैदी से काम कर रहे तीन मजदूर इस विनाशकारी धमाके की सीधी चपेट में आ गए, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।”
📍 मृतकों की पहचान: एमपी के दो और छत्तीसगढ़ का एक लाल
इस दर्दनाक हादसे ने दो राज्यों के तीन परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई विधिक जानकारी के अनुसार मृतकों में शामिल हैं:
- मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व: मृतकों में से दो मजदूर पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के रहने वाले थे, जो यहां उरला में रहकर रोजी-रोटी कमा रहे थे।
- छत्तीसगढ़ का मूल निवासी: जबकि एक अन्य मृतक मजदूर छत्तीसगढ़ के ही जांजगीर-चांपा जिले का मूल निवासी था।
पुलिस ने तीनों शवों को विधिक पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और उनके परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की विधिक सूचना दे दी गई है।
🚒 सुरक्षा घेरा मजबूत, देर रात तक चला SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
धमाके की विधिक सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) की कई गाड़ियां और फैक्ट्री प्रबंधन के आला अधिकारी तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर और किसी अन्य विधिक खतरे को टालने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के आसपास के पूरे औद्योगिक इलाके को खाली करा दिया और बैरिकेडिंग कर दी।
शाम होते-होते राज्य आपदा प्रबंधन (SDRF) और पुलिस की संयुक्त विधिक टीमों ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू किया। मलबे को हटाने और फर्नेस के आसपास जमा जहरीली गैस और धुएं को साफ करने का काम देर रात तक लगातार जारी था।
⚠️ औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर उठ रहे विधिक सवाल
उरला और सिल्टरा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे इस तरह के हादसों ने एक बार फिर फैक्ट्री संचालकों द्वारा अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों (Industrial Safety Rules) और विधिक गाइडलाइंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मजदूर संगठनों ने मांग की है कि दोषी थ्रीडी फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ विधिक रूप से गैर-इरादतन हत्या (Section 105 BNS) का मामला दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। PNN24 News इस औद्योगिक हादसे की हर एक प्रशासनिक और विधिक अपडेट आप तक लगातार पहुंचाता रहेगा।










