श्रीगंगानगर दरिंदगी मामला: प्रशासन का बड़ा एक्शन, उन 4 होटलों पर चला बुलडोज़र जहां हुआ था मासूम से गैंगरेप
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप मामले में प्रशासन का कड़ा एक्शन। उन 4 होटलों को बुलडोजर से ढहाया गया जहां मासूम को ₹1000 में बेचकर दरिंदगी की गई थी। पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को किया गिरफ्तार। पूरी रिपोर्ट PNN24 न्यूज़ पर।

शफी उस्मानी
श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जनाक्रोश और बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने मंगलवार देर रात उन चार होटलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ज़मींदोज़ कर दिया, जहां पीड़िता को बंधक बनाकर कथित तौर पर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था।

क्या है दिल दहला देने वाली यह घटना?
इंडिया टुडे से जुड़े हरनेक सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खौफनाक मामला बीती 18 जून को शुरू हुआ था। 13 साल की मासूम बच्ची ने अपने घर जाने के लिए रास्ते से एक ई-रिक्शा लिया था। आरोप है कि रिक्शा चालक ने चंद पैसों के लालच में मासूम को एक होटल संचालक को महज ₹1000 में बेच दिया।
शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं:
- 5 दिनों तक बंधक: होटल के संचालक और मैनेजर ने पीड़िता को कमरे में बंद कर रखा था।
- 30 से ज्यादा दरिंदे: आरोपी बाहर से लोगों को बुलाकर मासूम का गैंगरेप करवाते थे। शहर के अलग-अलग होटलों में पांच दिनों तक 30 से अधिक लोगों ने बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया।
- ज़बरदस्ती पिलाई शराब: 23 जून को जब पुलिस ने पीड़िता को रेस्क्यू किया, तो उसने अपने बयान में बताया कि जब वह दर्द से चिल्लाती और शिकायत करती थी, तो आरोपी उसे चुप कराने के लिए ज़बरदस्ती शराब पिला देते थे।
सड़कों पर उतरा जनसैलाब, होटलों की संख्या पर उठे सवाल
इस वीभत्स घटना के सामने आने के बाद पूरे श्रीगंगानगर शहर में गुस्सा फूट पड़ा। लोग और व्यापारिक संगठन सड़कों पर उतर आए। आरोपियों को फांसी देने और होटलों को तुरंत गिराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं सहित स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने शहर में चल रहे करीब 150 होटलों के औचित्य और उनके रजिस्ट्रेशन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। स्थानीय लोगों का कहना था:
“श्रीगंगानगर न तो कोई प्रमुख पर्यटन स्थल है और न ही कोई बहुत बड़ा व्यापारिक केंद्र, फिर रिहायशी इलाकों में इतने बड़े पैमाने पर होटलों का संचालन क्यों और किसकी शह पर हो रहा है? इन सभी के कागजातों की बारीकी से जांच होनी चाहिए।”
पुलिस अधीक्षक का बयान: 12 आरोपी अब तक गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर ने मीडिया को बताया:
“इस अमानवीय कृत्य में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी अपराधी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस इस मामले में अब तक मुख्य आरोपियों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पीड़िता के बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।











