तमिलनाडु में सियासी भूचाल: विजय सरकार को गिराने की साज़िश? 35 करोड़ के ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ मामले में 3 गिरफ्तार
तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल तेज़, टीवीके विधायक एन इलैयाराजा को विधानसभा स्पीकर के खिलाफ वोट करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश। पुलिस ने हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप में 3 लोगों को किया गिरफ्तार, डीएमके नेताओं पर लगे गंभीर आरोप। पढ़ें पूरी खबर PNN24 न्यूज़ पर।

ईदुल अमीन
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त ज़बरदस्त उबाल आ चुका है। मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय की सरकार को अस्थिर करने के मक़सद से कथित ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ (विधायकों की ख़रीद-फ़रोख्त) का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?
कृष्णागिरी ज़िले के उथंगरई निर्वाचन क्षेत्र के विधायक इलैयाराजा ने 29 जून को चेन्नई मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर के पास एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, कुछ दिन पहले थिरुनावुक्करासु नाम के एक शख़्स ने उन्हें फोन किया। उसने खुद को ‘इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज़’ (आईपीडीएस) नाम की एक पोलिंग कंपनी का मालिक बताया।
शुरुआत में विधायक ने फोन काट दिया, लेकिन आरोपी ने दोबारा संपर्क किया और कहा कि वह एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी की तरफ से बात कर रहा है। उसने इलैयाराजा से स्पीकर के ख़िलाफ़ प्रस्ताव में उनके मनमुताबिक वोट करने को कहा। इसके बदले में विधायक को 35 करोड़ रुपये देने का लालच दिया गया।
धमकी और दबाव की राजनीति
विधायक इलैयाराजा का कहना है कि उन्होंने इस डील को साफ़ तौर पर ठुकरा दिया और आरोपी से आगे बात करने से मना कर दिया। लेकिन बात यहीं ख़त्म नहीं हुई। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने यह बात किसी को बताई या सार्वजनिक की, तो उन्हें और उनके परिवार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पुलिस को दिए बयान में विधायक ने कहा:
“उन लोगों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने जनता द्वारा चुने गए एक लोक सेवक को अपना काम करने से रोकने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की, दबाव बनाया और मेरे परिवार को डराया-धमकाया।”
डीएमके के बड़े नेताओं से जुड़े तार?
पुलिस ने इस मामले में थिरुनावुक्करासु के अलावा त्रिची के नरेश और चेन्नई के त्यागराजन को भी गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब गिरफ़्तार आरोपियों के तार सत्ताधारी दल डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) से जुड़ते दिखे। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि आरोपी नरेश ने चेन्नई में डीएमके के पूर्व मंत्री और वर्तमान कोयंबटूर दक्षिण के विधायक सेंथिल बालाजी के भाई अशोक कुमार से मुलाकात की थी। पुलिस का दावा है कि थिरुनावुक्करासु, सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार के इशारे पर ही विधायक इलैयाराजा से डील करने की कोशिश कर रहा था।
तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि गिरफ्तार नरेश सीधे तौर पर सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक के संपर्क में था और मामले की विस्तृत जांच चल रही है।
डीएमके का पलटवार: ‘आरोप पूरी तरह निराधार’
दूसरी तरफ, डीएमके ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। डीएमके के संगठनात्मक सचिव आरएस भारती ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के किसी भी सौदे में शामिल नहीं है और वे इन झूठी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते।
यही नहीं, डीएमके ने इस मामले में नया पासा फेंकते हुए राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर को एक पत्र लिखा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि खुद मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय और एमडीएमके के महासचिव वाइको, दो विधायकों के इस्तीफ़े की साज़िश रच रहे हैं। डीएमके ने राज्यपाल से इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है। इस पर पलटवार करते हुए ऊर्जा मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि विधानसभा में हमारे पास 120 का बहुमत है, अगर डीएमके के पास कोई सबूत है तो वो पेश करे।
फिलहाल पुलिस विधायक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की तफ्तीश में जुटी है। तमिलनाडु की राजनीति में आया यह भूचाल आने वाले दिनों में क्या नया मोड़ लेता है, इस पर सबकी नज़रें टिकी हैं।










