‘TMC का बैंक खाता विवाद: हाई कोर्ट से राहत के अगले ही दिन 9 और खाते फ्रीज; 12 खातों में फंसे ₹1000 करोड़ से ज्यादा, सोमवार को महासुनवाई!’

बंगाल में सियासी घमासान: कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत के अगले ही दिन ममता गुट को बड़ा झटका, टीएमसी के 9 और बैंक खाते फ्रीज। ईडी (ED) और साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद पार्टी के कुल 12 खातों में जमा 1000 करोड़ से अधिक की रकम पर लगी विधिक पाबंदी। बागी ऋतब्रत बनर्जी गुट की शिकायत पर हुआ बड़ा एक्शन। पढ़ें PNN24 की एक्सक्लूसिव विधिक रिपोर्ट।

आदिल अहमद

कोलकाता (PNN24 News): पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक और विधिक संकट से गुजर रही है। पार्टी के बैंक खातों में कथित संदिग्ध वित्तीय हेरफेर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह से कानूनी युद्ध में बदल गया है। गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी गुट को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए तीन खातों को एक ‘स्पेशल ऑफिसर’ के माध्यम से संचालित करने की विधिक अनुमति दी थी।

लेकिन यह राहत 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। शुक्रवार को विधाननगर साइबर अपराध थाने (Bidhannagar Cyber Crime Station) ने एक बेहद आक्रामक विधिक कदम उठाते हुए टीएमसी के 9 अन्य महत्वपूर्ण बैंक खातों से होने वाले लेन-देन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।

💰 12 बैंक खाते और 1000 करोड़ से ज्यादा की भारी-भरकम राशि फ्रीज

इस पूरे विधिक घटनाक्रम ने टीएमसी के वित्तीय ढांचे को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। मामले से जुड़े वित्तीय आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:

  • ED के रडार पर ₹440.20 करोड़: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पार्टी के जिन ३ मुख्य खातों पर सबसे पहले पाबंदी लगाई थी, केंद्रीय विधिक एजेंसी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, उनमें 440.2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जमा है।
  • 9 अन्य खातों पर लगी विधिक रोक: शुक्रवार को विधाननगर साइबर पुलिस ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के ९ अलग-अलग बैंकों में मौजूद पार्टी के खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया।
  • ₹1000 करोड़ से अधिक का सिंडिकेट: नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और खुद तृणमूल कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने PNN24 News से विधिक पुष्टि की है कि पार्टी के जिन कुल 12 खातों पर अब तक रोक लगाई गई है, उनमें जमा सामूहिक रकम 1000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है।

⚔️ बागी ऋतब्रत बनर्जी गुट की शिकायत पर हुआ विधिक एक्शन

टीएमसी के खातों पर हुए इस देश के सबसे बड़े वित्तीय एक्शन के पीछे पार्टी का आंतरिक गुटीय संगठन और विद्रोह मुख्य वजह है।

  • विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत: टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी गुट के विधायक विश्वनाथ दास ने विधाननगर साइबर थाने में एक औपचारिक विधिक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में उन्होंने आशंका जताई थी कि ममता बनर्जी गुट द्वारा पार्टी के इन विधिक बैंक खातों से भारी मात्रा में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (Suspicious Transactions) और आर्थिक घपला किया जा रहा है।
  • 7 विधायकों के बयान दर्ज: साइबर पुलिस के आला अधिकारियों ने इस शिकायत को आधार बनाते हुए विधायक विश्वनाथ दास समेत ऋतब्रत गुट के कुल सात विधायकों के विधिक बयान दर्ज किए हैं।
  • जांच का दायरा बढ़ा: पुलिस सूत्रों का कहना है कि पहले फ्रीज किए गए 3 बैंक खातों की विधिक स्क्रूटनी और फोरेंसिक ऑडिट से मिले डिजिटल इनपुट्स के आधार पर ही पुलिस ने अब बाकी 9 अन्य बैंक खातों को भी विधिक रूप से फ्रीज करने का बड़ा फैसला लिया है।

⚖️ ED की पाबंदी के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा ममता गुट, सोमवार को सुनवाई

इस चौतरफा विधिक घेराबंदी के बीच ममता बनर्जी गुट ने भी कानूनी रूप से पलटवार किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तीन खातों पर लगाई गई विधिक पाबंदी के फैसले को सीधे चुनौती देते हुए पार्टी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में एक नई विधिक याचिका (Petition) दायर की है।

हाई कोर्ट की रजिस्ट्री ने इस याचिका को विधिक रूप से स्वीकार कर लिया है और अदालत इस बेहद संवेदनशील राजनीतिक-वित्तीय मामले पर आगामी सोमवार (13 जुलाई 2026) को एक विशेष खंडपीठ में सुनवाई करेगी। सोमवार को होने वाली यह सुनवाई तय करेगी कि बंगाल की सत्ताधारी पार्टी का वित्तीय नियंत्रण किसके हाथ में रहेगा।

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