‘PNN24 रिपोर्ट: “यूनिवर्सिटी पर हथौड़ा चलाना चाहती है सरकार”— जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला; 38 इमारतों को गिराने पर मंडलायुक्त की अंतरिम रोक’
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा हमला! कहा— "सरकार यूनिवर्सिटी पर हथौड़ा चलाना चाहती है, पहले दिन से मंशा ठीक नहीं।" रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने 38 इमारतों को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई पर लगाई अंतरिम रोक। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
रामपुर (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित चर्चित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूनिवर्सिटी के निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

🎙️ “ये नहीं चाहते कि लोग पढ़े-लिखे हों”— अखिलेश यादव
प्रेस वार्ता के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा:
“जौहर विश्वविद्यालय को लेकर पहले दिन से इनकी मंशा ठीक नहीं रही है। ये नहीं चाहते कि शिक्षण संस्थान आगे बढ़ें, लोग पढ़े-लिखे हों और युवा अपने आप रोज़गार पाएं। ये खुद तो यूनिवर्सिटी बना नहीं पाए और अब बनी-बनाई यूनिवर्सिटी पर हथौड़ा चलाना चाहते हैं।”
🛑 38 इमारतों को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई पर अंतरिम रोक
दूसरी ओर, कानूनी मोर्चे पर जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन को राहत मिली है। यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी गई है।
- किसने लगाई रोक: यह फैसला मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सुनाया है, जो रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के अध्यक्ष भी हैं।
- क्या है मामला: रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण/कार्रवाई का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मंडलायुक्त की अदालत में अपील दायर की थी।
- सुनवाई के दौरान निर्णय: अपील पर सुनवाई करते हुए मंडलायुक्त ने मामले की अगली प्रक्रिया तक प्रस्तावित कार्रवाई पर अंतरिम स्टे (रोक) लगा दिया है।










