अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दिल्ली तक गरमाई सियासत; निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर साधु-संतों का प्रदर्शन, PM आवास की ओर निकाला मार्च’
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब दिल्ली तक पहुंचा! निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कंप्यूटर बाबा और प्रकाशानंद गिरी के नेतृत्व में साधु-संतों और किन्नर अखाड़े ने मंडी हाउस से पीएम आवास की ओर निकाला मार्च। SIT जांच के बीच संतों ने पीएम मोदी को ज्ञापन सौंपने की रखी मांग। पढ़ें PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
नई दिल्ली (PNN24 News): अयोध्या स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुँच गया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर देश भर से आए साधु-संतों ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन और शांतिपूर्ण मार्च निकाला।
🚶 मंडी हाउस से पीएम आवास की ओर मार्च, Kinnar Akhada भी शामिल
आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे मंडी हाउस स्थित नेपाली दूतावास के समीप भारी संख्या में साधु-संत एकत्र हुए। यहाँ से सभी संत अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने के लिए पीएम आवास की ओर पैदल मार्च करने निकले।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पाबंदियों के कारण मार्च को बीच में ही रोक दिया गया, लेकिन संतों के इस रुख ने साफ कर दिया कि वे मामले को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देंगे। इस विरोध प्रदर्शन में सिर्फ साधु-संत ही नहीं, बल्कि सनातनी किन्नर अखाड़े के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
🧘 कंप्यूटर बाबा और प्रकाशानंद गिरी महाराज कर रहे नेतृत्व
इस विशाल आंदोलन और प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई प्रसिद्ध संत नामदेव दास त्यागी (कंप्यूटर बाबा) और प्रकाशानंद गिरी महाराज कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में कंप्यूटर बाबा ने कहा कि सभी साधु-संत पूरी तरह शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात देश के प्रधानमंत्री तक पहुँचाने आए हैं। संतों ने स्पष्ट कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था के केंद्र राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी सनातन धर्म को आहत करने वाली है, इसलिए इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
🔍 SIT जांच जारी, संतों ने उठाई पूरी पारदर्शिता की मांग
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के इस संवेदनशील मामले की जांच पहले से ही गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां लगातार मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं। इसके बावजूद, संतों और धार्मिक संगठनों का मानना है कि इस पूरे मामले पर बिना किसी प्रशासनिक दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे।












