‘PNN24 ग्राउंड रिपोर्ट: नहर सूखी, खेत प्यासे और बारिश का धोखा! बलिया के बेल्थरारोड में धान की फसल पर मंडराया सूखे का संकट’
बलिया के बेल्थरारोड में नहर सूखी होने से खेतों में प्यासी धान की फसल! सीयर ब्लॉक के भदौरा तरछापार में बारिश न होने और सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की बढ़ी चिंता। ग्रामीणों का आरोप— जरूरत के वक्त सूखी रहती है नहर, अतिवृष्टि में जलभराव से होता है नुकसान। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

उमेश गुप्ता
बेल्थरारोड/बलिया (PNN24 News): जनपद बलिया के सीयर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भदौरा तरछापार में सिंचाई विभाग की नहर किसानों के लिए राहत का जरिया बनने के बजाय परेशानी का बड़ा कारण साबित हो रही है। मानसून की बेरुखी और पर्याप्त बारिश न होने के कारण जहां खेतों में धान की खड़ी फसल पानी के लिए तरस रही है, वहीं नहर में पानी का एक बूंद न होना किसानों की रातों की नींद उड़ा रहा है।
🌧️ बारिश न होने से खेतों में नमी कम, नहर से भी टूटी उम्मीद
वर्तमान में खेतों में धान की फसल को सिंचाई की सख्त दरकार है। आसमान में बादल तो उमड़ रहे हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश न होने से खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। ऐसे नाजुक समय में स्थानीय किसानों को उम्मीद थी कि सिंचाई विभाग नहर में पानी छोड़कर राहत देगा, लेकिन नहर पूरी तरह सूखी पड़ी है।
गांव के किसान संजय सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि अगर मौसम का यही रुख रहा और जल्द बारिश नहीं हुई, तो पूरी फसल सूखे की चपेट में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि “अगर प्रकृति मेहरबान नहीं हो रही है, तो कम से कम सिंचाई विभाग को नहर में पानी छोड़ना चाहिए था ताकि किसान धान की सिंचाई कर फसल बचा पाते।”
⚠️ ग्रामीणों का गंभीर आरोप: “जरूरत में सूखी नहर, बारिश में ओवरफ्लो से तबाही”
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि:
- सफाई का अभाव: नहर की समय पर नियमित साफ-सफाई और सिल्ट सफाई नहीं कराई जाती।
- बेवक्त पानी का बहाव: जब चारों तरफ भारी बारिश होती है और पानी की जरूरत नहीं होती, तब नहर में भारी मात्रा में पानी छोड़ दिया जाता है।
- सड़क और फसल को नुकसान: अत्यधिक पानी आने से नहर ओवरफ्लो हो जाती है, जिससे आसपास की ग्रामीण सड़कें कट जाती हैं और किसानों के खेतों में पानी भर जाने से फसलें सड़ जाती हैं।
📢 सिंचाई विभाग से तत्काल पानी छोड़ने की मांग
किसानों का कहना है कि जिस सिंचाई व्यवस्था को खेती-किसानी का सहारा बनना चाहिए, वही विभाग की उदासीनता के चलते बर्बादी की वजह बन रही है। क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि नहर की तत्काल सफाई कराकर आवश्यकतानुसार पानी जल्द से जल्द छोड़ा जाए, जिससे धान की फसल को कटने और सूखने से बचाया जा सके।












