‘बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज का परचम: प्रशांत किशोर ने बीजेपी को 19 हजार से अधिक वोटों से हराया; RJD सांसद मीसा भारती बोलीं— “PK तो बीजेपी की B-टीम हैं”‘
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने दर्ज की बड़ी जीत! बीजेपी उम्मीदवार को 19,324 वोटों से हराया। RJD सांसद मीसा भारती का बड़ा बयान— "प्रशांत किशोर बीजेपी की B-टीम हैं, बीजेपी हारी नहीं बल्कि अंदरूनी राजनीति का शिकार हुई।" पढ़ें PNN24 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

अनिल कुमार
पटना (PNN24 News): बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सभी राजनीतिक दलों को चौंका दिया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार को करारी शिकस्त देकर शानदार जीत हासिल की है।

🎙️ “प्रशांत किशोर बीजेपी की B-टीम हैं, बीजेपी हारी नहीं”— मीसा भारती
बांकीपुर सीट पर बीजेपी की हार और जन सुराज की जीत पर जब RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी व सांसद मीसा भारती से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“प्रशांत किशोर असल में बीजेपी की ‘बी’ टीम हैं। जब लोग कह रहे हैं कि यहां बीजेपी हार गई, तो मैं पूछती हूं कि बीजेपी कहां हारी है? बीजेपी के असली कैंडिडेट तो वहीं (जन सुराज) हैं।”
मीसा भारती ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आगे कहा:
“बांकीपुर में हार की असली वजह बीजेपी की अंदरूनी राजनीति है। हमने पहले ही कहा था कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व एक तीर से कई शिकार करना चाहता था। चुनाव नतीजे आने के बाद भी बीजेपी के किसी सीनियर नेता ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, इसका सीधा मतलब है कि कहीं न कहीं अंदर ही अंदर संदेश पहुंचाया जा रहा है।”
📊 बांकीपुर उपचुनाव: वोटों का पूरा गणित (Election Statistics)
बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए इस कांटे के मुकाबले में जन सुराज पार्टी ने शुरू से ही बढ़त बनाए रखी और अंततः एक बड़े अंतर से जीत दर्ज की:
- प्रशांत किशोर (जन सुराज पार्टी): 64,151 वोट (विजेता)
- नीरज कुमार (बीजेपी): 44,827 वोट
- रेखा कुमारी (आरजेडी): 14,273 वोट
- जीत का अंतर: प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों से बीजेपी के नीरज कुमार को पराजित किया।
🏛️ बिहार की राजनीति में नया समीकरण
बांकीपुर उपचुनाव का यह परिणाम राज्य की भावी राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। जहां एक तरफ प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने चुनावी राजनीति में अपना खाता खोलकर एक मजबूत विकल्प के रूप में उपस्थिति दर्ज कराई है, वहीं विपक्षी RJD इसे बीजेपी की अंदरूनी नूराकुश्ती और रणनीतिक दांव करार दे रही है।











