‘महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी: दिल्ली की अदालत ने सुनाया फैसला; बृजभूषण बोले— “मुझे न्याय पर भरोसा था”, बजरंग पूनिया ने जताई निराशा’

कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत! महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर बरी। फैसले पर बृजभूषण ने कहा— "मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था"। वहीं पहलवान बजरंग पूनिया और वकील रेबेका जॉन ने फैसले पर जताई निराशा। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान 

नई दिल्ली (PNN24 News): भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा WFI के पूर्व सेक्रेटरी विनोद तोमर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी के आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है।

अदालत के इस फैसले के बाद देश की खेल राजनीति और कुश्ती जगत में हलचल तेज हो गई है।

🎙️ “पहले दिन से कहा था, न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था”— बृजभूषण शरण सिंह

कोर्ट के फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा:

“अदालत ने कहा कि ‘बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर, आप दोनों लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है।’ मैंने पहले ही दिन कहा था कि यदि मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित होता है तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। मैंने कभी खुद को अपराधी महसूस नहीं किया। जो जूनियर खिलाड़ी थे, हमने उनके लिए लड़ाई लड़ी और मुझे खुशी है कि जीत हुई।”

राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में विपक्षी दलों और नेताओं ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की थी।

💔 “फैसला बेहद निराशाजनक, हम विस्तृत आदेश का अध्ययन कर रहे”— पहलवान व वकील

अदालत के फैसले पर महिला पहलवानों के पक्ष में प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं:

  • रेबेका जॉन (विनेश फोगाट की वकील): उन्होंने अदालत के इस फैसले को अत्यंत निराशाजनक करार दिया।
  • बजरंग पूनिया (अंतर्राष्ट्रीय पहलवान): उन्होंने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, “आज के फैसले से साफ हो गया है कि सारी ताकत उनके पास है। गवाहों को प्रभावित किया गया। हम कोर्ट के विस्तृत आदेश की प्रति मिलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि समझ सकें कि किस आधार पर उन्हें बरी किया गया है।”

⏳ जंतर-मंतर से सुप्रीम कोर्ट और एफआईआर तक: केस का घटनाक्रम

  • जनवरी 2023: साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर पहली बार ऐतिहासिक धरना शुरू हुआ।
  • अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण शरण सिंह व विनोद तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
  • अगस्त 2023: जांच एजेंसी द्वारा बिना गिरफ्तारी के आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल करने के बाद दोनों को जमानत मिली।
  • मई 2024: राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना) और 354A (लैंगिक उत्पीड़न) के तहत चार्ज फ्रेम किए थे।
  • अंतिम फैसला: अदालत ने साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

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