आम जनता पर फिर पड़ेगी महंगाई की मार! अगले महीने से महंगे हो सकते हैं तेल, साबुन, बिस्किट और ब्रेड; HUL, ब्रिटानिया, डाबर और गोदरेज ने दिए संकेत’
सितंबर से तेल-साबुन, बिस्किट-ब्रेड समेत FMCG प्रोडक्ट्स हो सकते हैं महंगे! ब्रिटानिया, HUL, डाबर, गोदरेज और टाटा कंज्यूमर ने दिए कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत। कच्चे माल की बढ़ती लागत और जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते बढ़ेगा महंगाई का बोझ। पढ़ें PNN24 की बिज़नेस रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
नई दिल्ली (PNN24 News): देश की आम जनता को अगले महीने (सितंबर) से महंगाई का एक और झटका लग सकता है। दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली देश की दिग्गज फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियां तेल, साबुन, बिस्किट और ब्रेड जैसे चुनिंदा रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतों में वृद्धि करने की तैयारी कर रही हैं।

📈 जून तिमाही में बढ़ाए थे 2-5% दाम, अब फिर तैयारी
एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते जून (Q1) तिमाही के दौरान एफएमसीजी कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम औसतन 2 से 5 फीसदी तक बढ़ाए थे। अब सितंबर (Q2) तिमाही में कंपनियां मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए एक बार फिर रणनीतिक मूल्य वृद्धि की ओर बढ़ रही हैं।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण:
- कच्चे माल की लागत: पाम ऑयल (ताड़ का तेल) और चीनी जैसे मुख्य इनपुट की कीमतों में तेजी।
- अंतरराष्ट्रीय तनाव: जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव से लॉजिस्टिक्स लागत का बढ़ना।
- मौसम व अल-नीनो जोखिम: मानसून की अनिश्चितता और अल-नीनो के संभावित प्रभाव।
- पैकेट का वजन घटाना: कई कंपनियां सीधे दाम बढ़ाने के बजाय 5 और 10 रुपये वाले पैकेजों में उत्पाद की मात्रा (Grammage) घटाने की रणनीति भी अपना रही हैं।
🍪 किस कंपनी का क्या है रुख?
- ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia): ब्रिटानिया के एमडी और सीईओ रक्षित हरगवे के मुताबिक, चीनी और पाम तेल की लागत बढ़ने के कारण कंपनी 5 रुपये और 10 रुपये वाले बिस्कुट पैकेट्स पर 1.5 से 2 फीसदी तक अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकती है।
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL): HUL की सीईओ व एमडी प्रिया नायर ने संकेत दिया है कि कंपनी महंगाई की स्थिति की समीक्षा करते हुए सितंबर तिमाही में कई प्रोडक्ट कैटेगरी में कीमतों में संशोधन जारी रखेगी।
- गोदरेज कंज्यूमर (GCPL): जून तिमाही में औसतन 5 फीसदी दाम बढ़ाने के बाद कंपनी सितंबर तिमाही में कमोडिटी की कीमतों के आधार पर अतिरिक्त कदम उठा सकती है।
- डाबर इंडिया (Dabur) व टाटा कंज्यूमर (Tata Consumer): डाबर इनपुट कॉस्ट के दबाव से बचने के लिए अपने कुछ प्रोडक्ट्स पर दाम बढ़ा सकता है, वहीं टाटा कंज्यूमर के एमडी सुनील डिसूजा ने भी आवश्यकता पड़ने पर मूल्य संशोधन की बात कही है।











