ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई से की मुलाक़ात; सैन्य बदलाव, वित्तीय संकट और युद्ध के हालातों पर हुई बड़ी चर्चा’
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कार्यकाल के तीसरे साल की शुरुआत में सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई से की अहम मुलाक़ात! सैन्य बदलाव, ऊर्जा संकट, वित्तीय प्रबंधन और क्षेत्रीय युद्ध पर हुई विस्तृत चर्चा। पढ़ें PNN24 की विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

मो0 सलीम
PNN24 News: ईरान के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों हलचल बेहद तेज़ है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अपने कार्यकाल के तीसरे वर्ष की शुरुआत के अवसर पर देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई से एक महत्वपूर्ण बैठक की। ईरान के सर्वोच्च नेता की आधिकारिक वेबसाइट पर इस उच्च-स्तरीय मुलाक़ात की जानकारी साझा की गई है, जिसके बाद से मध्य पूर्व और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में चर्चाएं गर्म हो गई हैं।
📌 बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति?
बीबीसी फ़ारसी और ईरानी सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रणनीतिक बैठक का मुख्य फोकस ईरान की आंतरिक समस्याओं, जनता की दैनिक आवश्यकताओं और जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच भविष्य की चुनौतियों पर रहा।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर समीक्षा और मंथन किया गया:
- सैन्य क्षेत्र और रक्षा ढांचे में बदलाव: देश के सैन्य तंत्र के आधुनिकीकरण और वर्तमान युद्ध स्थिति के बीच रक्षा तैयारियों का जायजा लिया गया।
- वित्तीय प्रबंधन और मुद्रा नियंत्रण: ईरान के वित्तीय और विदेशी मुद्रा संसाधनों को जुटाने के साथ-साथ सरकारी खर्चों के बेहतर प्रबंधन की रणनीति तैयार की गई।
- ऊर्जा संकट व अंतरराष्ट्रीय व्यापार: देश में गहराते ऊर्जा संकट के समाधान और अन्य देशों के साथ व्यापारिक व आर्थिक संबंधों को सुधारने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
👁️🗨️ सार्वजनिक नज़रियों से दूर हैं सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई
यह मुलाक़ात कूटनीतिक दृष्टि से इसलिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मोजतबा ख़ामेनेई को ईरान का नया (तीसरा) सर्वोच्च नेता चुने जाने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पदभार संभालने के बाद से उनकी कोई नई तस्वीर या ऑडियो-वीडियो बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। हालांकि, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने पहले भी पुष्टि की थी कि सर्वोच्च पद संभालने के बाद उनकी मोजतबा ख़ामेनेई से मुलाकातें हुई हैं। वर्तमान युद्ध और सुरक्षा संकट के माहौल में ईरान के शीर्ष नेतृत्व की यह बैठक देश की भावी रणनीतियों की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।












