कानपुर में उमड़ा आशिकाने रसूल का सैलाब; परेड ग्राउंड से फूलबाग तक निकला एशिया का सबसे बड़ा जुलूस-ए-मुहम्मदी’
कानपुर में एशिया के सबसे बड़े जुलूस-ए-मुहम्मदी का भव्य आयोजन हुआ। परेड ग्राउंड से फूलबाग तक निकले इस ऐतिहासिक जुलूस में नातिया कलाम की गूंज और अमन-भाईचारे का पैगाम देखने को मिला। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण समापन। पढ़िए PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

मो0 शरीफ
कानपुर (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर एशिया के सबसे बड़े जुलूस के रूप में विख्यात ‘जुलूस-ए-मुहम्मदी’ का बेहद भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। शहर की सड़कों पर अकीदतमंदों (आशिकाने रसूल) का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां चारों ओर नातिया कलाम की सुरीली आवाजें और आपसी भाईचारे का पैगाम गूंजता नजर आया।
🗺️ परेड ग्राउंड से शुरू होकर फूलबाग चौराहे पर संपन्न हुआ मार्ग
यह ऐतिहासिक जुलूस अपने पारंपरिक और निर्धारित मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा:
- मुख्य मार्ग: परेड ग्राउंड से शुरू होकर जुलूस मिश्री बाजार, नई सड़क, पेंच बाग, बेगम गंज, तलाक महल, चमनगंज, मोहम्मद अली पार्क, हलीम कॉलेज, बांसमंडी, लाटूश रोड, मूलगंज और पटकापुर जैसे शहर के तमाम प्रमुख इलाकों से गुजरा।
- समापन स्थल: विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जुलूस का अंतिम पड़ाव फूलबाग चौराहे पर रहा, जहां इसका शांतिपूर्ण समापन हुआ।
- जनसैलाब: जुलूस में बच्चे, बुजुर्ग, नौजवान और समाज के हर वर्ग के लोग अकीदत और पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।
🤝 सेवा स्टॉल्स और लंगर का एहतमाम
जुलूस के पूरे रास्ते में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और कमेटियों की ओर से जगह-जगह लंगर और सेवा स्टॉल्स लगाए गए थे:
- अकीदतमंदों के लिए ठंडे पानी, शर्बत और विभिन्न खाद्य सामग्रियों (फल व जलपान) का व्यापक प्रबंध किया गया।
- राहगीरों और जुलूस में चल रहे लोगों का जगह-जगह फूलों की बारिश से इस्तकबाल किया गया।
🛡️ पुलिस-प्रशासन मुस्तैद, बिजली विभाग रहा अलर्ट
कार्यक्रम को सकुशल और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए कानपुर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया:
- कड़े सुरक्षा प्रबंध: जुलूस के पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल, पीएसी (PAC) और आला अधिकारियों की तैनाती रही।
- सुरक्षा उपाय: हादसों से बचाव और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बिजली विभाग द्वारा जुलूस के गुजरने के दौरान संबंधित रूटों पर बिजली आपूर्ति को बंद रखा गया था।












