मेरठ: किसान नेता से मारपीट मामले में बड़ी कार्रवाई! सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर; पीड़ित बोले— “सिर्फ लाइन हाजिर काफी नहीं, दर्ज हो FIR”‘
मेरठ में भाकियू (आंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी से कथित मारपीट मामले में बड़ी कार्रवाई। एडीजी और नए एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर। दिग्विजय भाटी ने की FIR दर्ज करने की मांग। PNN24 पर पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

आदिल अहमद
मेरठ (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय किसान यूनियन (आंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी और उनके साथी के साथ पुलिस कार्यालय में हुई कथित मारपीट और अभद्रता के मामले को शासन-प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सिविल लाइंस थाना प्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।

🚨 19 अगस्त की घटना: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
यह पूरा मामला 19 अगस्त का है, जब भारतीय किसान यूनियन (आंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव को किसी सिलसिले में मेरठ पुलिस कार्यालय बुलाया गया था।
- मारपीट का गंभीर आरोप: दिग्विजय भाटी का आरोप है कि तत्कालीन एसएसपी अवनीश पांडेय और वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और दोनों की बुरी तरह पिटाई की।
- वीडियो वायरल और गरमाई सियासत: मारपीट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का पारा चढ़ गया। किसान संगठनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
⚖️ निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस महकमे का एक्शन
मेरठ के एसपी सिटी विनायक भोसले ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में आई खबरों और पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोपों को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है।
- सहारनपुर रेंज डीआईजी को जांच: अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) मेरठ ज़ोन के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सहारनपुर रेंज को सौंपी गई है।
- 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर: जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो और निष्पक्षता बनी रहे, इसके लिए नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के आदेश पर सिविल लाइंस थाना अध्यक्ष, इंस्पेक्टर और 6 अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
📢 पीड़ित किसान नेता की मांग: “दर्ज हो FIR”
कार्रवाई के बाद दिग्विजय भाटी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सिर्फ लाइन हाजिर करना या तबादला कर देना पीड़ित पक्ष के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने मांग की है कि किसान कार्यकर्ताओं पर हाथ उठाने वाले और अभद्रता करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जानी चाहिए।











