‘PNN24 वर्ल्ड रिपोर्ट: नेपाल में ग्लेशियर टूटने और फ्लैश फ्लड का तांडव; 270 से अधिक की मौत, 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी’
नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर खिसकने व फ्लैश फ्लड के तांडव से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 270 से अधिक हुआ। 288 भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्री व त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी शामिल। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। पढ़ें PNN24 की विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

मुस्कान अंसारी
नई दिल्ली (PNN24 News): पड़ोसी देश नेपाल और तिब्बत (चीन) सीमा से सटे हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा ने तबाही मचा रखी है। नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड (Flash Flood) के कारण हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 270 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।
🏔️ तबाही का मुख्य कारण और जमीनी हालात
- ग्लेशियर हादसा: अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) और विशेषज्ञों के अनुसार, तिब्बत-नेपाल सीमा के पास ल्हेन्डे खोला और भोटे कोशी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में विशाल ग्लेशियर खिसकने/धंसने के कारण यह आपदा आई। ग्लेशियर धंसने के प्रभाव से रिक्टर पैमाने पर 5.2 तीव्रता का भूगर्भीय प्रभाव दर्ज किया गया, जिससे मलबे और पानी की भीषण बाढ़ बह निकली।
- तबाही का दायरा: नेपाल के रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भीषण क्षति हुई है। नदी का जलस्तर आधा घंटे में 9 मीटर तक बढ़ गया, जिससे कम से कम 19 पक्के पुल, जलविद्युत परियोजनाएं (त्रिशूली व रासुवागढ़ी) और दर्जनों इमारतें बह गईं।
🇮🇳 लापता भारतीयों को लेकर ताज़ा अपडेट (MEA की रिपोर्ट)
नेपाल में फंसे और संपर्क से बाहर भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार पूरी तरह मुस्तैद है:
- 288 भारतीय संपर्क से बाहर: विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक बयान के अनुसार, नेपाल और सीमावर्ती तिब्बत क्षेत्र में लगभग 288 भारतीय नागरिक फिलहाल संपर्क से बाहर (Unreachable) हैं।
- कैलाश मानसरोवर यात्री और कर्मचारी: लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 133 से अधिक भारतीय श्रद्धालु, त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में कार्यरत 73 भारतीय कर्मी और अन्य पर्यटक शामिल हैं।
- 21 भारतीयों का रेस्क्यू: तमिलनाडु के रहने वाले 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया जारी है।
- तिब्बत (दारचेन) में फंसे पर्यटक: तिब्बत सीमावर्ती क्षेत्र (दारचेन व हिल्सा) में फंसे 200 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय दूतावास लगातार नेपाली व चीनी अधिकारियों के संपर्क में है।
- हाई अलर्ट व भारत सहायता: उत्तर प्रदेश और बिहार (महाराजगंज, कुशीनगर, पश्चिमी चंपारण) के सीमावर्ती जिलों में गंडक और अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजने की प्रतिबद्धता जताई है।
भारतीय दूतावास (काठमांडू) ने प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- भारतीय दूतावास हेल्पलाइन: +977 985 131 6807 | +977 970 910 7500
- नेपाल टूरिज्म बोर्ड आपातकालीन नंबर: 1234 (टोल-फ्री) | 1144 | +977 9851289445












