‘PNN24 Ground Report: प्रयागराज में अतीक के बगल में सुपुर्द-ए-खाक हुआ छोटा बेटा अबान; कड़े पहरे में पहुंचे भाई उमर-अली हुए भावुक, भीड़ पर पुलिस ने भांजी लाठियां’

प्रयागराज के पुश्तैनी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया अतीक अहमद का छोटा बेटा अबान अहमद! कोर्ट से पैरोल मिलने पर कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे बड़े भाई उमर और अली। कब्रिस्तान के बाहर बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग। PNN24 के ग्राउंड रिपोर्टर तारिक खान की खास रिपोर्ट, देखें तस्वीरें और वीडियो।

तारिक खान 

प्रयागराज: प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी के पुश्तैनी कब्रिस्तान में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अबान की कब्र उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में बनाई गई है।

झांसी जेल जाने के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में अबान की मौत के बाद अदालत ने जेल में बंद उसके बड़े भाइयों— उमर अहमद और अली अहमद को अंतिम संस्कार (मिट्टी) में शामिल होने और परिजनों से एक घंटे की पुलिस अभिरक्षा में मुलाकात के लिए पैरोल मंजूर की थी।

कड़े पहरे में पहुंचे उमर और अली, भाइयों को संभाला

PNN24 के वरिष्ठ साथी पत्रकार तारिक खान की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अतीक के बड़े बेटों उमर और अली को भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के कड़े घेरे में वज्र वाहन/पुलिस वैन से कब्रिस्तान लाया गया।

मिट्टी (अंतिम संस्कार) के समय जब दोनों भाइयों को वाहन से नीचे उतारा गया, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। छोटे भाई अबान को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद उमर अहमद अपने छोटे भाई अली और अन्य परिजनों को दिलासा देते और ढांढस बंधाते हुए नजर आए।

कब्रिस्तान के बाहर बेकाबू हुई भीड़, पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग

अबान का शव कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचते ही वहां भारी संख्या में समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। जैसे ही शव को कब्रिस्तान के अंदर ले जाया जाने लगा, भीड़ अंदर घुसने के लिए बेकाबू होने लगी।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) कर बेकाबू भीड़ को पीछे खदेड़ा। इसके बाद ही शव और केवल चुनिंदा परिजनों को कब्रिस्तान के भीतर जाने दिया गया।

झांसी जाते समय हादसे में हुई थी मौत

गौरतलब है कि अबान अहमद की मौत बीते दिनों उस समय हुई थी, जब वह अपनी कार से झांसी जेल में बंद अपने भाई से मुलाकात करने जा रहा था। रास्ते में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी, जिसमें अबान की मौके पर ही मौत हो गई थी। अदालत के विशेष आदेश के बाद ही उमर और अली को इस अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत मिली थी।

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