‘राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा प्रहार: कहा— “भारत के भविष्य को माफ करने वाले प्रधानमंत्री कौन होते हैं?”; वाइको की किताब विमोचन पर संघ की विचारधारा पर भी उठाए सवाल’

पीएम मोदी के 'गुमराह युवाओं को माफ करने' वाले बयान पर राहुल गांधी का करारा हमला! वाइको की किताब के विमोचन पर कहा— "देश के भविष्य को माफ करने वाले पीएम कौन होते हैं?" छात्र सड़कों पर हैं और निष्पक्ष परीक्षा मांग रहे हैं। जंतर-मंतर विवाद और पीएम मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो के बाद गरमाई राजनीति। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान

नई दिल्ली (PNN24 News): एमडीएमके (MDMK) के वरिष्ठ नेता और सांसद वाइको के संसदीय कार्यकाल पर आधारित पुस्तक ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ (Vaiko in Parliament) के विमोचन समारोह के अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी के उस सोशल मीडिया बयान पर सीधा पलटवार किया जिसमें प्रधानमंत्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ टिप्पणी करने वाले युवाओं को ‘गुमराह’ बताते हुए उन्हें माफ करने की बात कही थी।

🗣️ “छात्रों को माफ करने का अधिकार उन्हें किसने दिया?”— राहुल गांधी

समारोह को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा:

“हमारा देश इस समय एक बेहद अजीब और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। देश के छात्र सड़कों पर हैं, वे गहरे दर्द और मानसिक पीड़ा में हैं। छात्र परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। वे एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो ठीक से काम करे।”

प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा:

“दूसरी ओर हमारे प्रधानमंत्री हैं, जो कहते हैं कि उन्होंने युवाओं को ‘माफ’ कर दिया है। उन्हें माफ करने वाले वे आखिर कौन होते हैं? मुझे नहीं मालूम कि उन्हें यह अधिकार किसने दिया कि वे भारत के भविष्य (युवाओं) को माफ करें! लेकिन उन्होंने यही दंभ भरा रास्ता चुना है।”

🏛️ “आरएसएस की सोच विभाजनकारी”— राहुल गांधी

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार की विचारधारा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों, विशेषकर आरएसएस की सोच के पीछे एक बेहद खतरनाक और विभाजनकारी विचार है। वह विचार यह मानने से इनकार करता है कि यह देश विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और अनेकताओं की सामूहिक अभिव्यक्ति (Collective Expression) है।

📌 क्या है मामला और क्यों शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र शब्दावली का प्रयोग करते हुए सुना गया था।

  • कार्रवाई की मांग: वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी और समर्थकों द्वारा ऐसे युवाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाने लगी थी।
  • पीएम का इंस्टाग्राम संदेश: बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि “ऐसे युवा राह से भटके और गुमराह हुए हैं, इन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए।”
  • विपक्ष का पलटवार: इसी बयान को आधार बनाते हुए राहुल गांधी ने अब प्रधानमंत्री की मंशा और उनके शब्द चयन पर सवाल खड़े किए हैं।

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