रांची में संग्राम! 9 दिन से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे विधानसभा मार्च; बोले— “जान जोखिम में है, पर पीछे नहीं हटेंगे”‘
रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन! 9 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस और स्ट्रेचर पर पहुंचे विधानसभा मार्च। कहा— "जान जोखिम में है, लेकिन अधिकार मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।" एएनआई (ANI) के वीडियो में दिखा छात्रों का हुजूम। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

अनिल कुमार
रांची (PNN24 News): झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर पहुँच चुका है। सोमवार को राज्य का सियासी व प्रशासनिक पारा उस समय और बढ़ गया, जब हजारों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा मार्च निकालने सड़कों पर उतर पड़े।

🚨 “मैं भाग नहीं सकता, लेकिन पीछे भी नहीं हटूंगा”— देवेंद्र नाथ महतो
मीडिया से बातचीत करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी शारीरिक स्थिति और अडिग इरादों को बयां किया। एंबुलेंस से पहुंचे और स्ट्रेचर पर लेटे महतो ने कहा:
“मैं 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हूँ, इसके बावजूद अपने साथी अभ्यर्थियों के हक के लिए यहाँ आया हूँ। मैं तमाम सुरक्षा घेरे, कंटीले तारों की बैरिकेडिंग को पार कर यहाँ पहुँचा हूँ। सरकार को हर हाल में नौजवानों की जायज मांगें माननी ही होंगी।”
अपनी गिरती सेहत और संभावित पुलिस कार्रवाई पर महतो ने दो टूक कहा:
“मैं अपनी जान जोखिम में डालकर आया हूँ। मैं खुद चल नहीं सकता, लेकिन फिर भी यहाँ डटा हूँ। मुझे पता है कि पुलिस के साथ टकराव हो सकता है, भगदड़ मच सकती है या आंसू गैस के गोले दागे जा सकते हैं। मेरी स्थिति ऐसी है कि भगदड़ में मैं भाग भी नहीं सकता, फिर भी मैं अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटूंगा।”
📹 ANI का वीडियो बयां कर रहा है ज़मीनी हक़ीक़त
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) द्वारा जारी किए गए वीडियो में आंदोलन की गंभीरता और छात्रों के तेवर साफ देखे जा सकते हैं। वीडियो में देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर लेटे नज़र आ रहे हैं और उनके साथी प्रदर्शनकारी उस स्ट्रेचर को अपने कंधों पर उठाकर ‘नारेबाज़ी’ करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
🛡️ पूरे रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों के इस हुजूम को रोकने के लिए रांची पुलिस और प्रशासन ने भारी संख्या में बल तैनात कर रखा है। रास्ते में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं। हालांकि, छात्रों और अभ्यर्थियों की ज़िद के आगे प्रशासन की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिख रही हैं।











