‘PNN24 व्यंग्य: सावधान! कहीं ‘नेनुआ ग्रीन्स’ का IPO न आ जाए… जब तक ₹20 किलो है, खा लो देशवासियों!’
कल तक जिसे देखकर भूत-पिशाच भी रास्ता बदल लेते थे, आज वही नेनुआ (तोरई) टमाटर-आलू की महंगाई के दौर में मध्यमवर्ग का मसीहा बन गया है। कहीं अडानी जी को पता न चल जाए कि नेनुआ ही भविष्य का क्रूड ऑयल है! पढ़िए PNN24 पर यह मजेदार व्यंग्य।

महविश कुरैशी
PNN24 News): ज़माना सच में कितनी तेज़ी से बदल रहा है! कल तक जिस नेनुआ (तोरई) को देखकर घर के बच्चे ऐसे मुंह बनाते थे जैसे किसी ने थाली में दवाई परोस दी हो, आज उसी नेनुआ पर जनता ऐसे टूट पड़ी है मानो राशन की दुकान पर मुफ्त का सामान बंट रहा हो।

👻 पूर्वजों का साफ संदेश: “नरक मंजूर है, पर नेनुआ नहीं!”
पितृपक्ष में तो इस बेचारी सब्जी की इज्जत दूध की मक्खी जैसी होती है। श्राद्ध की थाली से इसे ऐसे बाहर निकाला जाता है जैसे क्रिकेट टीम से खराब फॉर्म वाले खिलाड़ी को। ऐसा लगता है मानो पूर्वज स्वर्ग से साफ व्हाट्सएप मैसेज भेज रहे हों—“बेटा, नरक की यातनाएं मंजूर हैं, लेकिन पितृपक्ष में नेनुआ का जलपान मत करा देना!”
💸 मजबूरी का नाम… नेनुआ और मिडिल क्लास का मसीहा
अब सवाल यह है कि अचानक ऐसा क्या चमत्कार हो गया जो कल तक नुक्कड़ की दुकान पर लावारिस सड़ने वाला नेनुआ आज हर रसोई का ‘सुपरस्टार’ बना हुआ है?
- आसमान छूती महंगाई: जब 200 रुपये किलो होकर टमाटर अपनी तिजोरी में बंद हो जाए और आलू-प्याज नखरे दिखाने लगें, तो बेचारा मध्यमवर्गीय आदमी कहां जाए? मजबूरी में लोग नेनुआ पर ऐसे टूट पड़े हैं मानो वही इस धरती की आखिरी सब्जी बची हो।
- बजट का वैसलीन: नेनुआ भले स्वाद के नाम पर उबला पानी जैसा लगता हो, लेकिन जेब के लिए एकदम ‘वैसलीन’ का काम करता है—बिना किसी जलन और दर्द के पूरा महीने का बजट संभाल लेता है!
📈 कहीं सेठ जी की नजर न पड़ जाए!
लेकिन भाइयों और बहनों, असली डर तो अब शुरू होता है! देश का जो माहौल है, उससे तो यही लगता है कि इससे पहले कि कोई व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी वाला सेठ जी के कान में यह खबर डाल दे कि—“नेनुआ की रिफाइनिंग करके ‘N100 पेट्रो-एथेनॉल’ से भी तगड़ा फ्यूल निकाला जा सकता है”—तब तक जितना खाना है चुपचाप खा लो!
- नया क्रूड ऑयल: सोचिए, अगर सेठ जी ने देश भर के नेनुआ के खेत लीज पर ले लिए, तो कल को गाड़ियों में पेट्रोल की जगह ‘नेनुआ का जूस’ डल रहा होगा।
- शेयर बाजार का नया दुलारा: जो नेनुआ आज 20-30 रुपये किलो बिक रहा है, कल उसका IPO आ जाएगा। ‘अडानी नेनुआ ग्रीन्स’ का स्टॉक 500% की तेजी से ऊपरी सर्किट छुएगा और हम-आप सूखी रोटी से नेनुआ की खुशबू सूंघते रह जाएंगे!
सब्जी नहीं, आने वाले वक्त का क्रूड ऑयल!
इसलिए देशवासियों! जब तक यह हरी-भरी सब्जी भूतों के रिजेक्शन और कॉर्पोरेट्स की नजरों से बची हुई है, तब तक चुपचाप इसका लुत्फ उठाइए। आज के बाद अगर आपकी प्लेट में नेनुआ आए, तो नाक-भौंह मत सिकोड़िए, बल्कि गर्व से सीना चौड़ा करके कहिए—“यह कोई मामूली सब्जी नहीं, यह भारत के आने वाले वक्त का क्रूड ऑयल है!”











