तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका; 2 हफ़्तों के भीतर सरेंडर करने का आदेश, जानिए कोर्ट में क्या हुआ’
तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा 2013 के रेप केस में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को 2 हफ़्तों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि सरेंडर सर्टिफिकेट के बिना अपील पर सुनवाई नहीं होगी। पढ़ें PNN24 की लीगल रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
नई दिल्ली (PNN24 News): तहलका (Tehelka) पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के चर्चित रेप केस में उन्हें बड़ा झटका देते हुए दो हफ़्तों के भीतर अदालत के समक्ष सरेंडर करने का आदेश दिया है।

🏛️ बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला और सुप्रीम कोर्ट में दलीलें
यह पूरा मामला वर्ष 2013 के एक यौन उत्पीड़न और रेप केस से जुड़ा हुआ है:
- 10 साल की सजा: 6 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास की सज़ा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने उस समय उन्हें सरेंडर के लिए 6 हफ़्ते का वक्त दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट में अपील: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। दूसरी ओर, गोवा सरकार भी सज़ा की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।
- कपिल सिब्बल की दलीलें खारिज: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने तेजपाल के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों को नामंजूर कर दिया। सिब्बल ने तर्क दिया था कि अपील पर सुनवाई के लिए तेजपाल का तुरंत सरेंडर करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वे एक वरिष्ठ नागरिक हैं और छह महीने की अवधि को छोड़कर पूरी सुनवाई के दौरान जमानत (Bail) पर रहे हैं। हालांकि, अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।











