एक शब्द ‘बाबू’ और बेनकाब हो गए कातिल छात्र! तेलंगाना में स्कूल प्रिंसिपल की मर्डर मिस्ट्री का सनसनीखेज खुलासा; 10वीं के 2 छात्र गिरफ्तार’

तेलंगाना के नालगोंडा में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा! बहन से फोन पर बोले गए आखिरी शब्द 'बाबू' ने खोला राज। चोरी के इरादे से घुसे 10वीं के दो छात्रों ने पहचान उजागर होने पर की हत्या। PNN24 पर पढ़ें पूरी केस स्टडी रिपोर्ट।

तारिक खान 

नालगोंडा (PNN24 News): तेलंगाना के नालगोंडा जिले के कोंडा मल्लेपल्ली क्षेत्र से एक बेहद हैरान और सोचने पर मजबूर कर देने वाली अपराध कथा सामने आई है। ‘नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट’ स्कूल की प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने उनके ही स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है।

जांच के दौरान पुलिस के पास शुरुआती तौर पर कोई ठोस सबूत नहीं था। हालांकि, हत्या से ठीक पहले मृतका के मुंह से निकला एक साधारण सा शब्द ‘बाबू’ इस अंधी मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में मास्टर-की साबित हुआ।

📞 कॉल पर बोला गया आखिरी शब्द: ‘बाबू’ ने घुमाई जांच की दिशा

नालगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 11 अगस्त की शाम को स्कूल से लौटने के बाद रूपा रेड्डी घर पर अकेली थीं और अपनी छोटी बहन से फोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने अचानक किसी को देखकर ‘बाबू’ कहा और इसके तुरंत बाद उनका फोन बंद हो गया।

  • छात्रों को पुकारने की आदत: परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि रूपा रेड्डी अक्सर अपने स्कूल के छात्रों को प्यार से ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं।
  • पहचान का संकेत: पुलिस ने अंदाजा लगाया कि रूपा रेड्डी ने सामने मौजूद हमलावर को पहचान लिया था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों का दायरा स्कूल के छात्रों तक सीमित कर दिया।

📱 70 CCTV, 80 लोगों से पूछताछ और 13 अनुपस्थित छात्र

पुलिस ने घटना की जांच के लिए 5 विशेष टीमों का गठन किया, करीब 80 संदिग्धों से पूछताछ की और 70 से अधिक CCTV कैमरों की जांच की।

प्रिंसिपल की मौत पर स्कूल में 4 दिन की छुट्टी के बाद जब स्कूल खुला, तो 13 छात्र अनुपस्थित पाए गए। जब 10वीं के संदिग्ध छात्रों से गहन पूछताछ की गई, तो पता चला कि दो छात्रों ने अचानक काफी महंगे शौक पाल लिए थे, पार्टियों में खूब पैसे उड़ाए थे और 60 हजार रुपये का नया आईफोन (iPhone) भी खरीदा था।

सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों के पास से 15 लाख रुपये नकद और मानव रक्त के धब्बों से सने तीन करेंसी नोट बरामद हुए। लैब रिपोर्ट में नोटों पर लगे खून के इंसानी होने की पुष्टि होते ही दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

🔪 यूट्यूब देखकर रची थी डकैती की साजिश

पुलिस जांच में जो वजह सामने आई, वह और भी भयावह है:

  1. हॉस्टल से निकाला गया था छात्र: मुख्य आरोपी छात्र को 15-20 दिन पहले हॉस्टल में मोबाइल व चोरी के पैसे रखने के कारण बाहर निकाल दिया गया था।
  2. नशे और मौज-मस्ती की लत: दोनों छात्र शराब व नशे के आदी थे। उन्होंने यूट्यूब (YouTube) पर ‘जल्दी अमीर बनने के तरीके’ सर्च किए और स्कूल फीस जमा होने की तारीख (11 अगस्त) को ध्यान में रखकर प्रिंसिपल के घर डकैती का प्लान बनाया।
  3. पहचान उजागर होने का डर: छात्र मास्क, चाकू और दस्ताने पहनकर घर के पिछले दरवाजे से घुसे। लेकिन जब रूपा रेड्डी ने पैसे निकालते वक्त उन्हें देखकर पहचान लिया और चिल्लाईं, तो पकड़े जाने के डर से आरोपी छात्र ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी।

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