वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद: 48 घंटे बाद भी कैंट पुलिस की रहस्यमयी चुप्पी! महिला पत्रकार से अभद्रता और शव बंधक बनाने की तहरीर पर क्यों नहीं किया FIR?’ बड़ा सवाल ‘क्या कानून पर डॉ0 राशिद परवेज़ का नमक भारी पड़ गया अर्दली बाज़ार चौकी इंचार्ज के लिए?’

वाराणसी के एम्बिशन अस्पताल में मरीज की मौत, शव बंधक बनाने और महिला पत्रकार से अश्लील अभद्रता के मामले में 48 घंटे बाद भी कैंट पुलिस की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस की कार्यशैली और कथित सांठगांठ पर उठ रहे आरोपों के बीच कमिश्नर से संज्ञान लेने की मांग की गई है। पढ़िए PNN24 की एक्सक्लूसिव फॉलो-अप रिपोर्ट।

तारिक आज़मी

वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में जहां छोटी-मोटी शिकायतों पर तुरंत मामला दर्ज होने की बात कही जाती है, वहीं कैंट थाना क्षेत्र के मकबूल आलम रोड (खजुरी) स्थित एम्बिशन अस्पताल के संचालक डॉ. राशिद परवेज़ से जुड़े गंभीर आरोपों में पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार 29 अगस्त को अस्पताल में एक महिला मरीज की मौत, ₹55,000 के लिए 6 घंटे तक शव को बंधक बनाने और पीड़िता की पत्रकार पुत्री के साथ कथित अश्लील अभद्रता की लिखित तहरीर दिए 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अर्दली बाजार चौकी या कैंट पुलिस द्वारा अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।

🚨 48 घंटे बीते, न पीड़िता से संपर्क, न ही कोई कार्रवाई

स्थानीय सूत्रों और पीड़ित पक्ष के अनुसार:

  • तहरीर पर ढिलाई: घटना वाले दिन ही पीड़िता (महिला पत्रकार) ने अर्दली बाजार चौकी इंचार्ज को लिखित शिकायत देकर डॉ. राशिद परवेज़ के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
  • पुलिस निष्क्रियता का आरोप: आरोप है कि 2 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने न तो पीड़िता का बयान दर्ज किया और न ही मामले की प्राथमिक जांच आगे बढ़ाई, जिससे पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

🏛️ अर्दली बाजार पुलिस चौकी और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप

क्षेत्रीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर चर्चाएं गर्म हैं:

  1. सांठगांठ के आरोप: स्थानीय लोगों का दावा है कि पूर्व में भी अस्पताल संचालक और पड़ोसियों के विवादों में पुलिस की भूमिका एकतरफा रही है।
  2. कुख्यात तत्वों का हस्तक्षेप: परिजनों का आरोप है कि घटना के दिन दबाव बनाने के लिए कथित तौर पर कुछ अवांछित तत्वों को मौके पर बुलवाया गया था, जो पुलिस की मौजूदगी के बावजूद वहां जमघट लगाए रहे।
  3. चौकी इंचार्ज की भूमिका पर सवाल: मौके पर पहुंचे पुलिस बल और पत्रकारों के बीच हुई तीखी बहस के बाद भी जिस तरह से तहरीर को दबाए रखने का आरोप लग रहा है, उससे खाकी की साख पर बट्टा लग रहा है।

📣 पुलिस कमिश्नर से हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग

वाराणसी के पत्रकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

  • मांग: एम्बिशन अस्पताल के संचालक डॉ. राशिद परवेज़ पर लगे शव बंधक बनाने और महिला उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • लापरवाही पर कार्रवाई: अर्दली बाजार पुलिस चौकी इंचार्ज और कैंट पुलिस की शिथिलता की जांच कर दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए।

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