बाबा विश्वनाथ की नगरी के प्रमुख व्यापारिक केंद्र भूलेटन में बिना बारिश ‘सीवर प्रलय’; नगर निगम के दावों की खुली पोल’

बाबा विश्वनाथ मंदिर से महज 500 मीटर दूर वाराणसी के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र भूलेटन में बिना बारिश ही सीवर फटने से जलजमाव हो गया है। नगर निगम के 4 घंटे वाले व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी समाधान न होने से व्यापारियों में आक्रोश है। निवासियों ने क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग की है। पढ़िए PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

शफी उस्मानी

वाराणसी (PNN24 News): श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित शहर के सबसे बड़े व्यापारिक हृदयस्थल भूलेटन (वार्ड आदिविशेश्वर) में नगर निगम के नागरिक सुविधाओं के दावों की हवा निकल गई है। ताज़ा मामले में, बिना किसी आसमानी बारिश के ही भूलेटन की सड़कों पर सीवर की मुख्य लाइन जमीन फाड़कर उफान पर बह रही है, जिससे पूरा इलाका गंदे पानी और बदबू की आगोश में समा गया है।

हैरानी की बात यह है कि नगर निगम वाराणसी द्वारा 4 घंटे में त्वरित कार्रवाई और सख्त मॉनिटरिंग का दावा करने वाले व्हाट्सएप शिकायत नंबर (8601872601) पर शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

🛍️ 6 बड़े थोक बाजारों का केंद्र, फिर भी प्रशासनिक उपेक्षा

भूलेटन क्षेत्र वाराणसी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह इलाका शहर के प्रमुख थोक बाजारों के ठीक मध्य में स्थित है:

  • गोला दीनानाथ: पूर्वांचल की सबसे बड़ी किराना मंडी।
  • काशीपुरा: प्रख्यात बर्तन बाजार।
  • राजादरवाजा: तिरपाल और प्लास्टिक मार्केट।
  • हड़हा सराय: होलसेल कॉस्मेटिक मंडी।
  • बड़ीपियरी: लाइट एवं इलेक्ट्रॉनिक मार्केट।

इन सभी व्यस्त बाजारों से घिरे होने के बावजूद, भूलेटन में सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था की स्थिति अत्यंत दयनीय है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि यह क्षेत्र किसी नदी या प्राकृतिक जलजमाव वाले इलाके में नहीं आता, फिर भी हर साल मामूली बरसात में यहाँ नदी जैसी ‘बाढ़ की स्थिति’ पैदा हो जाती है।

🏛️ ‘भूलेटन को घोषित किया जाए बाढ़ पीड़ित क्षेत्र’ — व्यापारियों में आक्रोश

स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये के व्यापारिक नुकसान और संक्रामक बीमारियों के खतरे के बावजूद नगर निगम वाराणसी कोई स्थाई समाधान नहीं निकाल पाया है।

  • प्रशासन से मांग: स्थानीय निवासियों ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिलाधिकारी (DM) वाराणसी से गुहार लगाई है कि यदि नगर निगम इस समस्या का स्थाई ड्रेनेज समाधान नहीं निकाल पा रहा है, तो भूलेटन क्षेत्र (वार्ड आदिविशेश्वर) को औपचारिक रूप से ‘बाढ़ पीड़ित क्षेत्र’ घोषित किया जाए, ताकि व्यापारियों को राहत और सुरक्षा मिल सके।

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