‘PNN24 एक्सक्लूसिव: वाराणसी की दालमंडी में मंडराया बड़ा खतरा; नगर निगम की आख्या रिपोर्ट में खतरनाक घोषित जर्जर भवन पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में, राहगीरों की जान जोखिम में’
वाराणसी की दालमंडी स्थित छपरिया गली के जर्जर भवन संख्या CK 39/5 को नगर निगम द्वारा खतरनाक घोषित करने के बावजूद अब तक ध्वस्त नहीं किया गया है। रोजाना हजारों राहगीरों की जान जोखिम में डालकर प्रशासनिक लापरवाही का खेल चल रहा है। पढ़िए PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की सुस्ती और कागजी कार्रवाई का खेल किसी दिन बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। दालमंडी स्थित भवन संख्या CK 39/5 (छपरिया गली) में कुछ ऐसा ही खतरनाक नजारा देखने को मिल रहा है, जहां चौड़ीकरण और आंशिक ध्वस्तीकरण के बाद बचा हुआ जर्जर निर्माण कभी भी गिर सकता है। PNN24 द्वारा लगातार इस मुद्दे को उठाए जाने के बावजूद प्रशासनिक अमला केवल नोटिस भेजने तक सीमित नजर आ रहा है।
📋 अभियंताओं की रिपोर्ट: ‘साहुल में नहीं हैं दीवारें, कभी भी हो सकता है हादसा’
PNN24 की खबर का संज्ञान लेते हुए नगर निगम के क्षेत्रीय जोनल अधिकारी और सहायक नगर आयुक्त ने 25 जून 2026 को भवन स्वामी शाहनवाज खान (पुत्र शमसुद्दीन) व अन्य अध्यासी को नोटिस जारी किया था। इसके बाद नगर निगम के अभियंताओं (Engineers) ने मौके का निरीक्षण कर एक रिपोर्ट सौंपी:
- खतरनाक झुकाव: रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि भवन का बाहरी हिस्सा और दीवार पूरी तरह से जर्जर, अस्थिर और बाहर की ओर खतरनाक तरीके से झुके हुए हैं।
- जन-धन का खतरा: दीवारें साहुल से बाहर हैं, जो सड़क से गुजरने वाले आम राहगीरों, दुकानदारों और निवासियों के जीवन व संपत्ति के लिए अत्यंत गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं।
⏱️ 31 जुलाई की नोटिस के बाद भी कार्रवाई शून्य
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम ने 31 जुलाई 2026 को दोबारा नोटिस जारी कर जर्जर हिस्से को तत्काल खाली कराने और ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे।
- समय मांगने के बाद भी नहीं खाली हुआ भवन: ध्वस्तीकरण टीम जब मौके पर पहुंची, तो भवन में मौजूद फरमान इलाही द्वारा परिसर खाली करने के लिए 3 दिन का समय मांगा गया था। हालांकि, हफ्तों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
- अधिकारियों को अवगत कराया गया: सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस आयुक्त वाराणसी, जिलाधिकारी (DM) वाराणसी, सहायक पुलिस आयुक्त और थाना प्रभारी चौक को लिखित रूप से सूचित किया जा चुका है, लेकिन धरातल पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
🏛️ कागजी घोड़ों की दौड़ और सरकारी बजट की लापरवाही
दालमंडी मार्ग से रोजाना हजारों स्थानीय निवासी, व्यापारी और श्रद्धालु गुजरते हैं। लटकती हुई जर्जर दीवारें हर पल एक भीषण दुर्घटना का इंतजार कर रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल किसी हादसे का इंतजार कर रहा है, ताकि बाद में सरकारी खजाने से मुआवजे का ऐलान कर मामले को रफा-दफा किया जा सके।
PNN24 News जनहित के इस गंभीर मुद्दे पर लगातार नजर बनाए रखेगा और नगर निगम व जिला प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग करता रहेगा।











