वाराणसी के कदीमी मरकज़ यौमुन्नबी कमेटी की अहम बैठक; जुलूस-ए-मुहम्मदी की तैयारियों को लेकर मंथन, हाजी महमूद ने किया घोषणा ‘इस साल कार्यक्रम के बाद होगा कमेटी का चुनाव

वाराणसी के कदीमी मरकज़ यौमुन्नबी कमेटी की मुस्लिम मुसाफिर खाने में पूर्व राज्य मंत्री शकील अहमद बबलू की अध्यक्षता में अहम बैठक संपन्न। 11 रबीउल अव्वल और जुलूस-ए-मुहम्मदी के सफल आयोजन को लेकर शहर की अंजुमनों व स्टेज प्रतिनिधियों के साथ हुआ विचार-विमर्श। पढ़ें PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

ईदुल अमीन 

वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी शहर के कदीमी और मशहूर मरकज़ माने जाने वाले मरकज़ यौमुन्नबी कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक बीते रात मुस्लिम मुसाफिर खाने में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मरकज़ के सद्र (अध्यक्ष) एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री शकील अहमद “बबलू” ने की। सचिव हाजी महमूद ने घोषणा किया है कि इस साल जुलूस-ए-मुहम्मदी के बाद कमेटी का नए सिरे से चुनाव होगा

इस बैठक का सफल आयोजन मरकज़ के सेक्रेटरी (सचिव) हाजी महमूद, कमेटी सदस्य अबरार, शकील सिद्दीकी, इमरान खान, फरीद आलम, फुरकान खान, बाबू नकाब, अजहर आलम “अज्जू” और अबुल खैर “मिस्टर” की संयुक्त पहल पर हुआ। बैठक का कुशल संचालन मशहूर लेखक रियाज़ अहमद नूर ने किया।

🌙 11 रबीउल अव्वल और जुलूस-ए-मुहम्मदी के आयोजन पर हुआ मंथन

बैठक का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए संचालन कर रहे रियाज़ अहमद नूर ने बताया कि यह बैठक आगामी 11 रबीउल अव्वल को आयोजित होने वाले जुलूस-ए-मुहम्मदी के सफल संचालन, मरकज़ के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने और क्षेत्र में लगने वाले स्टेज प्रतिनिधियों के साथ सलाह-मशविरा करने के लिए बुलाई गई है।

बैठक में उपस्थित शहर के सभी क्षेत्रों की अंजुमन के नुमाइंदों (प्रतिनिधियों) और स्टेज प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव और पूर्व की आपत्तियां रखीं।

  • सद्र शकील अहमद बबलू और सेक्रेटरी हाजी महमूद ने सभी सुझावों को प्रमुखता से नोट किया।
  • हाजी महमूद ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि “यदि बीते समय में कोई कमी या गलती रही होगी, तो इंशा अल्लाह इस बार उसे दूर किया जाएगा और सभी की राय पर पूरी गंभीरता से अमल होगा।”

🤝 “बुजुर्गों की कुर्बानियों को याद रखें, मरकज़ की तारीख़ आलीशान”— इमरान खान

बैठक को संबोधित करते हुए युवा समाजसेवी इमरान खान ने कहा:

“मरकज़ के इस प्रोग्राम की कामयाबी हम सभी की कामयाबी है। मरकज़ किसी एक का नहीं, बल्कि आप सभी का है। हमारे बुजुर्गों ने इस मरकज़ की मजबूती के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, उन्हें याद रखना और ज़ाया न होने देना हम सबकी जिम्मेदारी है। मरकज़ की अपनी एक आलीशान तारीख़ (इतिहास) रही है, जिसे हमें बचाकर आगे बढ़ाना है।”

🍽️ सभी अतिथियों का हुआ इस्तकबाल, रात्रि भोज का आयोजन

कार्यक्रम के अंत में रियाज़ अहमद नूर ने दूर-दराज़ से आए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया और इस्तकबाल किया। कमेटी के सदस्यों द्वारा अपने निजी खर्च पर सभी उपस्थित लोगों के लिए शानदार रात्रि भोज (Dinner) का आयोजन किया गया था, जिसका सभी ने आनंद लिया।

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