बैंकॉक में बाढ़ का कहर, सड़कें बनीं दरिया! 48 घंटे में 300 मिमी बारिश से डूबा शहर; 52 हजार से अधिक परिवार प्रभावित’
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 48 घंटे में 300 मिमी बारिश के बाद कुदरत का कहर! सड़कें बनीं दरिया, गाड़ियां डूबीं और करीब 52,000 परिवार प्रभावित। बैंकॉक को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया, हजारों लोग राहत शिविरों में शिफ्ट। पढ़िए PNN24 की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

मुस्कान अंसारी
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के बड़े हिस्से में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे प्रमुख सड़कें दरिया में तब्दील हो गई हैं और वाहनों की आवाजाही बुरी तरह ठप्प हो गई है। सोशल मीडिया और समाचार एजेंसियों द्वारा जारी तस्वीरों में लोग घुटनों से लेकर कमर तक पानी में चलने और नावों (Boats) के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं।
🌧️ 48 घंटे में 300 मिमी बारिश, बैंकॉक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित
रिपोर्टों के अनुसार, बीते 48 घंटों में बैंकॉक के कई इलाकों में करीब 300 मिलीमीटर (mm) रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।
- आपातकाल जैसे हालात: जलभराव की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बैंकॉक को आधिकारिक तौर पर ‘आपदा प्रभावित क्षेत्र’ घोषित कर दिया है।
- संपत्ति का नुकसान: पानी का तेज बहाव रिहायशी इलाकों में घुसने से हजारों घरों और दुकानों में पानी भर गया, जबकि सैकड़ों गाड़ियां जलमग्न हो गईं।
🏠 52 हजार परिवार प्रभावित, राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोग
बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन (BMA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक:
- इस आपदा से लगभग 52,000 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
- बाढ़ में फंसे लगभग 4,900 लोगों को सुरक्षित निकालकर प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों (Relief Camps) में पहुंचाया गया है।
- आपातकालीन बल, जल निकासी पंपों (Drainage Pumps) और नौकाओं के जरिए राहत व बचाव कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं।
🌤️ रविवार को बारिश में आई कमी, जलस्तर घटने से मिली आंशिक राहत
हालांकि, रविवार को शहर के कई हिस्सों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद, निचले इलाकों में अभी भी भारी जलभराव बना हुआ है, जिससे यातायात और बुनियादी सेवाएं बहाल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।












