“बैठक से पहले ही बिखरा इंडी गठबंधन!” — शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर हमला; अखिलेश, स्टालिन और केजरीवाल के नदारद रहने पर उठाए सवाल’
दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का तीखा प्रहार! कहा— "बैठक से पहले ही बिखर गया गठबंधन, राहुल गांधी को कोई नेता मानने को तैयार नहीं।" अखिलेश, स्टालिन, केजरीवाल और सोरेन की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल। पढ़िए PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
नई दिल्ली (PNN24 News): राजधानी दिल्ली के ‘कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में बुधवार को विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की अहम बैठक संपन्न हुई। 19 राजनीतिक दलों की मौजूदगी में हुई इस बैठक के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि गठबंधन में सिर-फुटव्वल मची है और कोई भी राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
🎙️ “एक के बाद एक हार के बाद भी नहीं सुधर रही कांग्रेस” — शिवराज सिंह चौहान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेतृत्व पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा—
“एक के बाद एक चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद देश यह सोच रहा था कि वह अपनी गलतियों के लिए जनता से माफी मांगेगी और आत्मचिंतन करेगी। लेकिन कांग्रेस ने यह तय कर रखा है कि वह सुधरने वाली नहीं है। राहुल गांधी हों या मल्लिकार्जुन खड़गे, अपनी गलतियों के लिए जनता से माफी मांगने के बजाय वे देश में लगातार भ्रम फैला रहे हैं, झूठ बोल रहे हैं और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।”
❓ अखिलेश, स्टालिन, केजरीवाल नदारद: “राहुल को नेता मानने को कोई तैयार नहीं”
विपक्षी एकजुटता के दावों पर सवाल उठाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कई प्रमुख क्षत्रपों की गैरमौजूदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा—
- अखिलेश यादव पर सवाल: “आज इंडी गठबंधन की बैठक थी, लेकिन बैठक की शुरुआत से पहले ही यह गठबंधन पूरी तरह बिखरा हुआ दिखा। उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में अखिलेश यादव कहां थे? अगर यह मुद्दा इतना ही अहम था, तो अखिलेश यादव बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए?”
- अन्य दिग्गज नेताओं की दूरी: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी बैठक से पूरी तरह नदारद रहे। वहीं शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी व्यक्तिगत रूप से पहुंचने के बजाय केवल वर्चुअली जुड़े।
- नेतृत्व पर हमला: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह घटनाक्रम साफ दर्शाता है कि इंडी गठबंधन का कोई भी क्षेत्रीय दल राहुल गांधी को अपना सर्वमान्य नेता मानने को बिल्कुल तैयार नहीं है।
🏛️ कांस्टीट्यूशन क्लब में जुटी थीं 19 पार्टियां
गौरतलब है कि दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बुधवार को आयोजित इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में विपक्षी गठबंधन के करीब 19 घटक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी राजनीतिक रणनीति और चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ साझा मोर्चा खोलना था।











