सेहत व सावधान: असली दूध के नाम पर नकली खेल खत्म! FSSAI की एनालॉग पनीर पर सख्ती; अब प्रोडक्ट्स से हटाना होगा ‘पनीर’ शब्द’
FSSAI ने नकली व एनालॉग पनीर बेचने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसा है। बिना असली दूध के बने उत्पादों से 'पनीर' शब्द हटाने का प्रस्ताव जारी किया गया है। जानिए क्या होता है एनालॉग पनीर और सेहत के लिए असली दूध के पनीर से यह कितना अलग है। पढ़िए PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
नई दिल्ली (PNN24 News): क्या आप भी बाजार, डेयरी या सुपरमार्केट से पनीर खरीदते समय इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त रहते हैं कि आपकी थाली में परोसा जाने वाला पनीर शुद्ध दूध से ही बना है? यदि हां, तो देश के खाद्य नियामक का यह नया फरमान आपके स्वास्थ्य और जेब दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

🚫 FSSAI का नया प्रस्ताव: ‘पनीर’ नाम से नहीं बेच सकेंगे नॉन-डेयरी प्रोडक्ट
खाद्य नियामक द्वारा जारी नए मसौदे के अनुसार, यदि कोई उत्पाद शुद्ध दूध से तैयार नहीं किया गया है, तो उसे कानूनी रूप से “पनीर” के नाम से न तो बेचा जा सकता है और न ही उसका विज्ञापन किया जा सकता है।
- पैकेजिंग से हटेगा नाम: जिन उत्पादों को “एनालॉग इन डेयरी कॉन्टेक्स्ट” (Analog in Dairy Context) की श्रेणी के तहत पंजीकृत किया गया है, उन्हें अपनी ब्रांडिंग, पैकेजिंग लेबल, सामग्री सूची (Ingredients List) और मार्केटिंग अभियानों में से ‘पनीर’ शब्द पूरी तरह हटाना अनिवार्य होगा।
- उपभोक्ता भ्रम होगा दूर: FSSAI का मानना है कि वर्तमान में बाजार में बिक रहे कई कृत्रिम विकल्प दिखने और बनावट में बिल्कुल असली पनीर जैसे होते हैं, जिससे आम ग्राहक धोखा खा जाते हैं और उन्हें लगता है कि वे एक पौष्टिक डेयरी उत्पाद खरीद रहे हैं।
🧪 क्या होता है ‘एनालॉग पनीर’ और कैसे पहचानें फर्क?
बाजार में असली और कृत्रिम विकल्पों के बीच मुख्य अंतर उनकी निर्माण सामग्री (Ingredients) में होता है:
- पारंपरिक (असली) पनीर: यह 100% शुद्ध दूध से तैयार होता है। दूध को प्राकृतिक रूप से फाड़कर या सिट्रिक एसिड का उपयोग कर इसे बनाया जाता है, जो कैल्शियम और प्राकृतिक मिल्क प्रोटीन (केसीन) से भरपूर होता है।
- एनालॉग (कृत्रिम) पनीर: यह असली पनीर का एक बेहद सस्ता विकल्प है, जिसमें दूध या डेयरी फैट का इस्तेमाल न के बराबर होता है।
- फैट का बदलाव: इसमें मिल्क फैट की जगह सस्ते वनस्पति तेल (Vegetable Oil / Palm Oil) का उपयोग किया जाता है।
- प्रोटीन का सोर्स: दूध के प्रोटीन के स्थान पर सोया प्रोटीन या मटर प्रोटीन मिलाया जाता है।
- केमिकल्स व स्टार्च: इसे गाढ़ा, ठोस और पनीर जैसी बनावट देने के लिए स्टार्च, इमल्सिफायर और स्टेबलाइजर्स का प्रयोग किया जाता है।
💡 आम जनता और सेहत के लिए क्यों है यह राहत की खबर?
एनालॉग पनीर उत्पादन में काफी सस्ता होता है, जिसके चलते कई होटल, रेस्तरां और बेकरी इसे कम कीमत में खरीदकर ग्राहकों को परोस देते हैं। यद्यपि यह सस्ता होता है, लेकिन इसमें दूध से मिलने वाले प्राकृतिक पोषक तत्वों की भारी कमी होती है और अत्यधिक प्रोसेसिंग व पाम ऑयल के कारण सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
FSSAI के इस सख्त नियम के लागू होने के बाद असली डेयरी उत्पादों और उनके कृत्रिम विकल्पों के बीच स्पष्ट अंतर दिखेगा, जिससे उपभोक्ताओं को जागरूक होकर सही उत्पाद चुनने में मदद मिलेगी।











