पाकिस्तान में गरमाई सियासत! इमरान ख़ान की पार्टी PTI के वरिष्ठ मंत्री का कथित अपहरण; खैबर पख्तूनख्वा में मचा हड़कंप’
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी PTI के प्रांतीय मंत्री फज़ल शपूर खान के कथित अपहरण से हड़कंप मच गया है। सीएम सोहेल अफरीदी ने सादे कपड़ों में आए लोगों पर अगवा करने और फायरिंग का आरोप लगाया। पढ़िए PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
PNN24 News: पड़ोसी देश पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के शासन वाले खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में वरिष्ठ प्रांतीय मंत्री फज़ल शपूर खान के कथित अपहरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

🎙️ “सादे कपड़ों में आए लोगों ने की गोलीबारी”— मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी का सनसनीखेज आरोप
पेशावर में सोमवार को पीटीआई के शीर्ष नेताओं के साथ एक आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए:
- ताबड़तोड़ फायरिंग: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि फज़ल शपूर खान को सादे कपड़ों में आए बंदूकधारियों ने जबरन अगवा किया और इस दौरान उनके वाहन पर अंधाधुंध गोलियां भी बरसाई गईं।
- आंदोलन दबाने की साजिश: सोहेल अफरीदी ने चेतावनी देते हुए कहा— “यदि किसी को लगता है कि मंत्रियों के अपहरण और इस तरह की हिंसक कार्रवाइयों से हमारा राजनीतिक आंदोलन कमजोर हो जाएगा, तो वे गलतफहमी में हैं। पीटीआई इस तरह के हथकंडों से दबने वाली नहीं है।”
🚨 एक दिन पहले मंत्री शकील अहमद पर भी हुआ था हमला
पीटीआई नेतृत्व ने खुलासा किया है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी रविवार को एक अन्य प्रांतीय मंत्री शकील अहमद के साथ भी इसी तरह के अपहरण का प्रयास किया गया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शकील अहमद को अगवा करने की कोशिश के दौरान भी हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं, हालांकि वे किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से सुरक्षित निकलने में सफल रहे थे।
🏛️ विधानसभा का आपात सत्र, चामकनी थाने में FIR दर्ज
लगातार दो मंत्रियों को निशाना बनाए जाने के बाद खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा का सोमवार शाम को आपात सत्र बुलाया गया, जिसमें सत्तापक्ष ने राज्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
- कानूनी कार्रवाई: फज़ल शपूर खान के सचिव मुहम्मद आलम के अनुसार, इस पूरे मामले में पेशावर के चामकनी पुलिस स्टेशन में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी गई है।
- पुलिस की चुप्पी: इस सनसनीखेज घटनाक्रम पर जब पेशावर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो रिपोर्ट लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।











