यौन उत्पीड़न भारतीय न्यायपालिका का “डर्टी सीक्रेट”; सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह का बड़ा खुलासा, बोलीं— मांग पूरी न करने पर गंवानी पड़ी महिला जज की नौकरी’
सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने 29वें डी.एस. बोरकर मेमोरियल लेक्चर में बड़ा दावा करते हुए यौन उत्पीड़न को भारतीय न्यायपालिका का 'डर्टी सीक्रेट' बताया है। उन्होंने महिला जजों के साथ हुए उत्पीड़न और एक महिला जज को नौकरी गंवानी पड़ने का जिक्र किया है। पढ़िए PNN24 की पूरी रिपोर्ट। 📝 विशेष लीगल रिपोर्ट (Legal & Politics Desk)

निलोफर बानो
नई दिल्ली (PNN24 News): सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने भारतीय न्यायपालिका की अंदरूनी कार्यशैली और महिला जजों की स्थिति को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने यौन उत्पीड़न को भारतीय न्यायपालिका का ‘डर्टी सीक्रेट’ (गंदा राज) करार देते हुए कहा कि कई महिला जज इसका शिकार रही हैं, लेकिन इस विषय पर कोई खुलकर बात नहीं करना चाहता।

⚖️ “महिला जजों का पक्ष रखते हुए सामने आईं हकीकतें”
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक अपने पेशेवर अनुभवों को साझा करते हुए वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा:
“अपने अनुभव के दौरान, मेरा वास्ता कई महिला जजों से पड़ा है। मैंने अदालत में उनका पक्ष रखा है। ये महिला जज पुरुष जजों द्वारा किए जाने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतें लेकर मेरे पास आई थीं। इसी आधार पर मैंने अपनी किताब में भी लिखा है कि यौन उत्पीड़न भारत की न्यायपालिका का एक गंदा राज है, जिस पर कोई बात नहीं करना चाहता।”
🌸 ‘हायर ज्यूडिशियरी के चलन और उत्पीड़न का आरोप’
इंदिरा जयसिंह ने एक विशेष मामले का जिक्र करते हुए न्यायपालिका के कुछ आंतरिक रीति-रिवाजों और घटनाओं पर सवाल उठाए:
- समारोहों का चलन: उन्होंने बताया कि एक पीड़ित महिला जज ने उन्हें जानकारी दी थी कि जब किसी हाईकोर्ट के जज का रिटायरमेंट होता है, तो जिला अदालतों की महिला जजों को एक ही रंग की साड़ी पहनकर लाइन में खड़े होने और डाइनिंग रूम में जाते समय पुरुष जजों पर फूल बरसाने के लिए कहा जाता है।
- अनुचित मांग और नौकरी का नुकसान: उन्होंने आरोप लगाया कि एक पुरुष जज ने महिला जज से अपनी शादी की 25वीं सालगिरह की पार्टी में आने और एक ‘आइटम नंबर’ पर डांस करने के लिए कहा। जब महिला जज ने इस अनुचित मांग का विरोध किया, तो उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।











