कानपुर पुलिस का सबसे बड़ा खुलासा; 5600 करोड़ के अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 65 लाख कैश बरामद, 72 बैंक खातों से जुड़ा नेटवर्क’

कानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने 5600 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के 72 बैंक खातों में 5600 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन मिला है और 65 लाख नकद जब्त हुए हैं। पढ़िए PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

मो0 कुमैल 

कानपुर (PNN24 News): देश भर में अपने पैर पसार चुके साइबर अपराधियों के खिलाफ कानपुर साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने एक हाई-टेक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह को बेनकाब करते हुए दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

जांच के दौरान गिरोह की काली कमाई और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने पुलिस और जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं।

💵 65 लाख रुपये नकद और अहम डिजिटल साक्ष्य जब्त

कानपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के कब्जे से 65 लाख 26 हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की है।

  • डिजिटल सबूत: आरोपियों के पास से 2 प्रीमियम मोबाइल फोन और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े दर्जन भर दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
  • व्हाट्सऐप चैट से खुलासा: मोबाइल की जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सऐप चैट के जरिए अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय संपर्कों के कई ऐसे पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जो गिरोह के पूरे मोडस ऑपरेंडी (कार्यप्रणाली) को उजागर करते हैं।

🏦 72 बैंक खातों में 5600 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन

जांच अधिकारियों के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात बैंक खातों की पड़ताल में सामने आई। गिरोह द्वारा संचालित और नियंत्रित किए जा रहे 72 बैंक खातों में कुल मिलाकर लगभग 5600 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन (Transactions) पाया गया है।

इतनी विशाल राशि की हेराफेरी यह स्पष्ट करती है कि यह महज स्थानीय स्तर का अपराध नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय और देशव्यापी सिंडिकेट काम कर रहा है।

🚨 देशभर में 86 शिकायतें दर्ज, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों के आम नागरिकों को वर्क फ्रॉम होम, टास्क आधारित फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और निवेश के फर्जी झांसे में लेकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटता था।

86 आधिकारिक शिकायतें: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ देश भर के विभिन्न थानों में अब तक 86 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

मनी ट्रेल की जांच: कानपुर पुलिस अब ईडी (ED) और वित्तीय एजेंसियों से समन्वय बनाकर इस बात की जांच कर रही है कि 5600 करोड़ का यह पैसा किन-किन माध्यमों (क्रिप्टो, शेल कंपनियों आदि) से रूट किया गया।

आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

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