केन्या में टाटा केमिकल्स को बड़ा झटका; राष्ट्रपति रुटो ने कामकाज बंद करने का दिया आदेश, बोले— “क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?”‘
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स को देश में कामकाज बंद करने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि 100 साल के कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद स्थानीय स्तर पर विकास नहीं हुआ। केन्या अब टाटा की जगह 2 नई कंपनियों को लाने की तैयारी में है। पढ़िए PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

फारुख हुसैन
नई दिल्ली (PNN24 News): अफ्रीका महाद्वीप में भारतीय व्यापारिक हितों को एक बड़ा झटका लगा है। केन्या सरकार ने प्रमुख भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) की केन्याई इकाई ‘मगाडी सोडा’ (Magadi Soda Company) को अपना कामकाज तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।

🗣️ राष्ट्रपति विलियम रुटो का कड़ा बयान
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति रुटो ने काजियाडो क्षेत्र में कंपनी के लंबे समय से बने रहने की तीखी आलोचना की और कहा:
“उस टाटा कंपनी के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था, लेकिन उसने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया। उसने यहां कोई नई फैक्ट्री तक खड़ी नहीं की। हमने तय किया है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे, जो काजियाडो में एक बड़ी ग्लास निर्माण कंपनी लगाएगी। वहीं एक और कंपनी केमिकल निर्माण का काम करेगी। क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?”
🏭 क्या है पूरा विवाद और ‘मगाडी सोडा’ का बिजनेस?
यह विवाद पिछले कुछ महीनों से गहरा रहा था।
- जुलाई में मिला था अल्टीमेटम: जुलाई 2026 के आखिरी सप्ताह में टाटा केमिकल्स ने शेयर बाजारों को सूचित किया था कि केन्या सरकार ने उसकी मगाडी सोडा फैक्ट्री में उत्पादन और सोडा एश (Soda Ash) के निर्यात पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
- सोडा एश का महत्व: टाटा केमिकल्स की केन्याई यूनिट सोडियम कार्बोनेट (सोडा एश) का उत्पादन करती है, जो मुख्य रूप से कांच (ग्लास), डिटर्जेंट और रासायनिक उद्योगों में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है।
- 2 नई कंपनियां संभालेगी काम: राष्ट्रपति रुटो ने स्पष्ट किया है कि केन्या सरकार अब दो नई कंपनियों को आमंत्रित करेगी जो टाटा के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिग्रहण कर वहां ग्लास और केमिकल निर्माण की नई इकाइयां स्थापित करेंगी।











