वाराणसी के एम्बिशन हॉस्पिटल प्रकरण में NHRC का बड़ा एक्शन; DM और कमिश्नर से जवाब तलब, डॉ. राशिद परवेज़ पर कसता कानूनी शिकंजा’
वाराणसी के एम्बिशन अस्पताल में बानो बेगम की मौत और शव बंधक बनाने के मामले में NHRC ने जिलाधिकारी और कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है। डॉक्टर राशिद परवेज़ पर लापरवाही, अश्लील अभद्रता और शव बंधक बनाने का आरोप है। कैंट पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल। पढ़िए PNN24 की रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी के एम्बिशन हॉस्पिटल (Ambition Hospital) के संचालक डॉ. राशिद परवेज़ पर मरीज की मौत के बाद लापरवाही, अवैध रूप से शव बंधक बनाने और पीड़िता से अश्लील अभद्रता के गंभीर आरोपों में कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। मृतका बानो बेगम की पत्रकार पुत्री की शिकायत का कड़ा संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने वाराणसी के जिलाधिकारी (DM) और आयुक्त (Commissioner) को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

🚨 29 अगस्त का घटनाक्रम: शव बंधक बनाने और अभद्रता का आरोप
पूरा प्रकरण 29 अगस्त का है, जब रामनगर की रहने वाली बानो बेगम को इलाज के लिए एम्बिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. राशिद परवेज़ की लापरवाही और गलत इलाज के कारण उनकी मौत हो गई।
- 6 घंटे तक बंधक रहा शव: नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल प्रशासन ने लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक शव को बंधक बनाए रखा और 55 हजार रुपये का बकाया बिल जमा न करने पर शव सौंपने से मना कर दिया।
- पत्रकार पुत्री से अश्लील व्यवहार: आरोप है कि इस दौरान जब पीड़िता (महिला पत्रकार) ने विरोध किया, तो डॉ. राशिद परवेज़ ने उनके साथ अश्लील अभद्रता की।
- पुलिस और अन्य तत्वों का दबाव: मौके पर अन्य पत्रकारों के पहुंचने पर आरोप है कि बाहुबली मुख्तार अंसारी के कुख्यात गुर्गों और अर्दली बाजार चौकी पुलिस का सहारा लेकर पत्रकारों व परिजनों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। मौके पर ही पीड़िता ने चौकी इंचार्ज को तहरीर दी थी, लेकिन कैंट थाना पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
🩺 सीएमओ ने गठित किया मेडिकल बोर्ड, 5 सितंबर को दर्ज हुए बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO, वाराणसी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दिए हैं:
- मेडिकल बोर्ड का गठन: सीएमओ के निर्देश पर डॉक्टरों के विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
- बयान दर्ज व नोटिस: 5 सितंबर को मेडिकल बोर्ड के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और आरोपी डॉ. राशिद परवेज़ को आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
⚖️ NHRC का सख्त रुख: DM व कमिश्नर को नोटिस
मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचने के बाद आयोग ने मानवाधिकारों के हनन और पुलिस की शिथिलता को गंभीरता से लिया है। NHRC ने वाराणसी जिलाधिकारी और कमिश्नर को नोटिस भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप और सीएमओ की मेडिकल जांच के बाद अब पीड़िता को इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है, जबकि कैंट पुलिस की कार्यप्रणाली पर वरिष्ठ अधिकारियों की गाज गिरना तय माना जा रहा है।











