वाराणसी: एम्बिशन अस्पताल और डॉ. राशिद परवेज पर कसा कानूनी शिकंजा; मरीज की मौत के बाद शव बंधक बनाने का आरोप, CMO के मेडिकल बोर्ड ने दर्ज किया पत्रकार पुत्री का बयान’

वाराणसी के एम्बिशन अस्पताल में महिला मरीज बानो बेगम की मौत के बाद डॉक्टर राशिद परवेज पर कानूनी शिकंजा कस गया है। बिल भुगतान के लिए शव को बंधक बनाने के आरोपों पर CMO द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड ने पत्रकार बेटी महविश कुरैशी का बयान दर्ज किया है। पढ़िए PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

मुस्कान अंसारी 

वाराणसी (PNN24 News): उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित एम्बिशन अस्पताल और उसके संचालक डॉ. राशिद परवेज के खिलाफ पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। मरीज बानो बेगम की मौत के बाद परिजनों से बदसलूकी और शव को घंटों बंधक बनाने के आरोपों के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाराणसी द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

शनिवार को मृतका की पुत्री और महिला पत्रकार महविश कुरैशी ने मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ अपना लिखित बयान दर्ज करवाया।

🚨 55 हजार के बकाया बिल के लिए शव को घंटों बंधक बनाने का आरोप

मामला 29 अगस्त की सुबह का है, जब रामनगर की रहने वाली बानो बेगम की एम्बिशन अस्पताल के आईसीयू (ICU) में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

  • परिजनों के गंभीर आरोप: मृतका की पत्रकार बेटी महविश कुरैशी का आरोप है कि चिकित्सक डॉ. राशिद परवेज की लापरवाही के कारण उनकी मां की जान गई। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने ₹55,000 के बकाया बिल के भुगतान की शर्त रखते हुए शव को लगभग 6 घंटे तक बंधक बनाए रखा।
  • रसीद व डिस्चार्ज समरी न देने का दावा: परिजनों का कहना है कि पूरा भुगतान करने के बाद ही शव सुपुर्द किया गया, लेकिन इलाज का लेखा-जोखा, दवा की पर्चियां या पेमेंट रसीद नहीं दी गई।

🏢 VDA में अवैध निर्माण और अग्निशमन मानकों की भी शिकायत

अस्पताल में पत्रकारों के साथ अभद्रता की शिकायत के बाद मामला गरमा गया था। इसके बाद पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ वाराणसी से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।

इसके साथ ही आरोपी डॉक्टर की संपत्तियों पर भी प्रशासनिक जांच की मांग की गई है:

  1. अवैध निर्माण का आरोप: वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) को दी गई शिकायत के अनुसार, एम्बिशन अस्पताल की इमारत केवल G+2 (ग्राउंड प्लस दो मंजिल) पास है, जबकि मौके पर B+G+3 का निर्माण कराया गया है।
  2. खजुरी कॉलोनी क्लिनिक: खजुरी स्थित ‘चेस्टवेल क्लिनिक’ के भवन में बिना सेटबैक छोड़े निर्माण और फायर सेफ्टी (अग्निशमन) मानकों के उल्लंघन की शिकायत भेजी गई है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *